n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने बुधवार को शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सरकारी भूमि को मुक्त कराने के उद्देश्य से अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। जीएमडीए की प्रवर्तन टीम ने सेक्टर-58 और 59 के बीच स्थित 60 मीटर चौड़ी सेक्टर डिवाइडिंग रोड पर लगभग 1.5 किलोमीटर लंबे एरिया में फैले भारी अतिक्रमण को साफ कर दिया। जानकारी के अनुसार, करीब एक महीने पहले जीएमडीए के डीटीपी और अतिक्रमण रोधी दस्ते के नोडल अधिकारी आरएस बाठ ने इस एरिया का निरीक्षण किया था। उस दौरान अतिक्रमणकारियों को स्वयं ही अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी जब लोगों ने कब्जा नहीं हटाया तो मुनादी करवाकर दो बार चेतावनी दी गई। निर्देशों का पालन न होने पर आखिरकार बुधवार को जीएमडीए का पीला पंजा चला। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेक्टर-65 थाने से एएसआई परवीन के नेतृत्व में 15 पुलिसकर्मियों की टीम तैनात रही। इस दौरान एक जेसीबी मशीन की मदद से ग्रीनबेल्ट एरिया में बने करीब 20 अस्थायी शेड और खोखे हटाए गए। इसके अलावा, सरकारी जमीन पर लगे अवैध साइनबोर्ड, विज्ञापन बोर्ड और करीब 10 टिन-शेड की दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
10 से 30 हज़ार किराए का खेल: इस दौरान बड़ा खुलासा भी हुआ। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को बताया कि कुछ रसूखदार स्थानीय लोग सरकारी जमीन पर अवैध खोखे लगवाकर दुकानदारों से 10 से 30 हजार रुपये महीना किराया वसूल रहे थे। जांच में सामने आया कि कई रेहड़ी संचालक स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे थे, बल्कि उन्हें कर्मचारियों के तौर पर रखा गया था।

