देश के पहले पेट्रोल पंप से ‘मुंबई हाई’ तक

नवभारतटाइम्स.कॉम

पश्चिम एशिया में तनाव से भारत में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। देश अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। भारत का पहला पेट्रोल पंप 1928 में मुंबई में खुला था। मुंबई ने देश को तीन पेट्रोलियम मंत्री दिए हैं। 'मुंबई हाई' समुद्री तेल क्षेत्र भी भारत के लिए महत्वपूर्ण है।

mumbai from indias first petrol pump to mumbai high an interesting history of indias energy journey

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारत में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति और दाम प्रभावित हो रहे हैं। पांच दिन में दूसरी बार तेल की कीमतें बढ़ाई गई हैं। भारत अपनी जरूरत का 85% से 90% कच्चा तेल आयात करता है। हमारे पास ईरान, इराक, वेनेजुएला की तरह तेल के कुएं नहीं हैं। लेकिन एक समय ऐसा था, जब देश में पेट्रोल-डीजल की अधिक जरूरत नहीं होती थी। उस दौर में पेट्रोल ड्रमों में जहाज से लाया जाता था और बैलगाड़ियों के जरिए हाथ से चलने वाले पंप तक पहुंचाया जाता था, जहां से ग्राहकों को बेचा जाता था। रेकॉर्ड बताते हैं कि पूरे भारत में 1927-28 तक 25 से 26 हजार ही मोटर वाहन थे, जबकि आज कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या लगभग 39 करोड़ हो गई है। 1928 से पहले तक भारत में पेट्रोल पंप तक नहीं था। देश का पहला पेट्रोल पंप 1928 में मुंबई के ह्यूजेस रोड क्षेत्र में खुला, जिसे आज वर्ली में एनी बेसेंट रोड के नाम से जाना जाता है। आज मुंबई की रिफाइनरियां देश की कुल रिफाइनिंग कैपेसिटी का करीब 8.3% हिस्सा संभालती हैं।

इसलिए मुंबई को पेट्रोल पंप के लिए चुना। मुंबई उस दौर में भारत का प्रमुख समुद्री व्यापारिक केंद्र था। पेट्रोल और अन्य तेल उत्पाद जहाजों से विदेशों से आते थे, इसलिए सप्लाई आसान थी। इसके अलावा मुंबई कपड़ा मिलों, बंदरगाह व्यापार और कंपनियों का बड़ा केंद्र था। माल ढुलाई के लिए ट्रक और परिवहन सेवाओं की मांग बढ़ रही थी। उस समय Burmah-Shell भारत में अहम पेट्रोलियम कंपनी थी। यह ब्रिटिश दौर में बनी थी और बाद में यही भारत की सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम (BPCL) बनी। 1976 में भारत सरकार ने इसे अधिग्रहीत कर लिया था।

तीन पेट्रोलियम मंत्री देने वाला शहर । मुंबई ने देश को तीन-तीन पेट्रोलियम मंत्री दिए हैं। सबसे पहले 29 जनवरी, 1972 को एचआर गोखले पेट्रोलियम और केमिकल मंत्री बने थे। वह मुंबई नॉर्थ वेस्ट सीट से लोकसभा में चुनकर पहुंचे थे। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मुंबई उत्तर लोकसभा सभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राम नाईक भी पेट्रोलियम मंत्री बनाए गए थे। 2006 से 2011 तक मुरली देवड़ा भी मुंबई से पेट्रोलियम मंत्री रहे।

‘मुंबई हाई’ है एक बड़ा सहारा । पेट्रोलियम के क्षेत्र में मुंबई की एक देन और है- ‘मुंबई हाई’ समुद्री तेल क्षेत्र। यह मुंबई से 160 किमी दूर अरब सागर में स्थित है। इसकी खोज 1974 में हुई थी। आज ‘मुंबई हाई’ भारत की कुल कच्चे तेल की जरूरत का 4 से 5% हिस्सा पूरा करता है। हालांकि, 1980 और 1990 के दशक में ‘मुंबई हाई’ भारत के घरेलू तेल उत्पादन का मुख्य आधार था। समय के साथ पुराने ऑइल फील्ड होने के कारण इसका उत्पादन घटा है, लेकिन आज भी यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण ऑफशोर एनर्जी असेट्स में शामिल है।

रेकमेंडेड खबरें