देश में बढ़ते डॉग बाइट और रेबीज के खतरे के बीच सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि हर नागरिक को कुत्तों के हमलों के भय से मुक्त होकर जीवन जीने का अधिकार है। पकड़े गए आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने और अत्यधिक आक्रामक या रेबीज संक्रमित कुत्तों के मामले में दया-मृत्यु की अनुमति देने का निर्णय संतुलित और व्यावहारिक है। पशुओं के प्रति संवेदना जरूरी है, लेकिन मानव जीवन और सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
- कांतिलाल मांडोत, ईमेल से

