चिराग पासवान भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पीड़ित परिवार से मिलेंगे, न्याय की मांग

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Navbharat Times
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चिराग पासवान ने इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपराध अपराध होता है और जाति-पाति या धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले लोग ओछी राजनीति करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिसके साथ भी गलत हुआ है और जिसने भी गलत किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ वे आज भरत तिवारी के घर जा रहे हैं। उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले ही परिवार से मिलकर पूरी जानकारी ले चुके हैं।

इससे पहले, चिराग पासवान ने भरत तिवारी मामले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। उन्होंने 'एक्स' पर अमित शाह के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा था, "New Delhi में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट कर बिहार के राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की निर्मम हत्या व आरा में Police की ओर से भरत तिवारी की हत्या के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर पीड़ित परिजनों को शीघ्र और उचित न्याय दिलाने का आग्रह किया।"
मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि यह जांच का विषय है कि हथियार कहां से आया। लेकिन जिस तरह से भरत तिवारी पर गोली चलाई गई और आत्मसमर्पण करने के बाद भी उन्हें मारा गया, वह बिल्कुल भी सही नहीं है। उन्होंने इस घटना को गलत बताया।

चिराग पासवान का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग जोर पकड़ रही है। पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी एक अपराधी था और एनकाउंटर में मारा गया। लेकिन परिवार और कुछ नेता पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि यह एक फर्जी एनकाउंटर था और भरत तिवारी को जानबूझकर मारा गया।

चिराग पासवान ने इस मामले को सिर्फ एक व्यक्ति की मौत के रूप में नहीं, बल्कि न्याय के सवाल के रूप में देखा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई किसी जाति या धर्म के लिए नहीं, बल्कि सच्चाई और न्याय के लिए है। वे चाहते हैं कि कानून अपना काम करे और किसी भी निर्दोष को परेशान न किया जाए, वहीं दोषी को सजा मिले।

भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए चिराग पासवान का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह देखना होगा कि उनके हस्तक्षेप से इस मामले में कितनी प्रगति होती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है। यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल खड़े करती है।

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