डिब्रूगढ़ में 65 बोरियों से गुटखे की खेप जब्त, अवैध ढुलाई पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
डिब्रूगढ़ में 65 बोरियों से गुटखे की खेप जब्त, अवैध ढुलाई पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
NewsPoint•
डिब्रूगढ़, 3 जुलाई: असम के डिब्रूगढ़ में प्रशासन ने अवैध रूप से सामान ले जाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. राज्य GST विभाग और गाबरूपथर Police की संयुक्त टीम ने एक विशेष अभियान चलाकर 65 बोरियों में भरा गुटखा जब्त किया है. यह खेप बिना किसी वैध GST ई-वे बिल के ले जाई जा रही थी, जो GST कानूनों का सीधा उल्लंघन है. इस कार्रवाई से अवैध व्यापार और कर चोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में प्रशासन की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है.
यह बड़ी कार्रवाई पब बानीपुर इलाके में हुई. संयुक्त टीम वहां वाहनों की सघन जांच कर रही थी. इसी दौरान उन्होंने एक ट्रक को रोका और उसकी तलाशी ली. तलाशी लेने पर ट्रक से "सिग्नेचर" ब्रांड के गुटखे की कुल 65 बोरियां मिलीं. जब अधिकारियों ने इन बोरियों से जुड़े कागजात देखे, तो पता चला कि माल ले जाने के लिए ज़रूरी GST ई-वे बिल नहीं था. इससे साफ हो गया कि यह पूरा माल बिना टैक्स भरे अवैध तरीके से ले जाया जा रहा था.नियमों का उल्लंघन होते देख अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की. उन्होंने ट्रक और उसमें लदी गुटखे की पूरी खेप को जब्त कर लिया. इसके बाद, इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं. वे यह पता लगाना चाहते हैं कि इस अवैध ढुलाई में कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही, यह भी पता लगाया जाएगा कि यह गुटखा कहां से आ रहा था और इसे कहां ले जाया जा रहा था.
प्रशासन ने साफ किया है कि कर चोरी, अवैध व्यापार और बिना कागजात के सामान ले जाने के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने व्यापारियों और सामान ढोने वालों से अपील की है कि वे GST के नियमों का पूरी तरह पालन करें. किसी भी तरह का व्यापार करते समय ज़रूरी कागजात अपने साथ रखें. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
यह संयुक्त कार्रवाई अवैध व्यापार और कर चोरी को रोकने के लिए प्रशासन की एक अहम कोशिश है. ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि अवैध कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से लोगों में नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और वे अवैध गतिविधियों से दूर रहेंगे. यह सुनिश्चित करेगा कि सरकार को उसका उचित टैक्स मिले और आम जनता को भी अवैध उत्पादों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके.