दिल्ली में बिजली के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दो नई पहलें शुरू

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 19 जुलाई: दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने रविवार को पूर्वी दिल्ली में बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और साफ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दो बड़े कदम उठाए। उन्होंने गांधी नगर में एक नया, आधुनिक स्मार्ट पैड माउंटेड सबस्टेशन खोला और 'सोलेराइज ईस्ट' नाम का एक अभियान भी शुरू किया। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, कई विधायक, पार्षद, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के प्रतिनिधि, हाउसिंग सोसायटियों के सदस्य, बीवाईपीएल के बड़े अधिकारी और कई खास मेहमान मौजूद थे।

मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार बिजली के क्षेत्र में एक ऐसी योजना पर काम कर रही है जो लंबे समय तक चलेगी और भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करेगी। उन्होंने बताया कि सिर्फ एक साल में बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए 1,427 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया गया है। इस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ आज की बिजली की जरूरतें पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि दिल्ली की भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग के लिए एक मजबूत नींव रखने के लिए भी किया जा रहा है। इस निवेश से बिजली पहुंचाने वाले नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, नए सबस्टेशन बनाए जा रहे हैं, पुराने बिजली के ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है और स्मार्ट टेक्नोलॉजी को अपनाने की रफ्तार बढ़ाई जा रही है।
सूद ने यह भी बताया कि इस साल दिल्ली में बिजली की मांग (पीक पावर डिमांड) अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 8,748 मेगावाट तक पहुंच गई। इतनी ज्यादा मांग होने के बावजूद, शहर में बिजली कटौती की कोई बड़ी समस्या नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली सरकार की अच्छी प्लानिंग, बिजली वितरण कंपनियों की काबिलियत, बिजली इंजीनियरों की मेहनत और दिल्ली के बिजली ढांचे की मजबूती का नतीजा है।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एक भरोसेमंद बिजली व्यवस्था किसी भी आधुनिक शहर की सबसे बड़ी ताकत होती है। चाहे उद्योग हो, व्यापार हो, स्कूल-कॉलेज हों, अस्पताल हों, इंटरनेट सेवाएं हों या आम लोगों का रोजमर्रा का जीवन हो, यह सब कुछ बिना रुकावट और अच्छी क्वालिटी की बिजली सप्लाई पर निर्भर करता है। इसीलिए, दिल्ली सरकार बिजली के क्षेत्र को और भी आधुनिक, स्मार्ट, पर्यावरण के अनुकूल (ग्रीन) और भविष्य के लिए तैयार बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ बिजली देना नहीं है, बल्कि ऐसी बिजली पहुंचाना है जो भरोसेमंद हो, सस्ती हो, स्मार्ट हो और अब पर्यावरण के लिए भी अच्छी हो।

'सोलेराइज ईस्ट' अभियान का मकसद लोगों को 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के बारे में जानकारी देना और उन्हें अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित करना है। सोलर पैनल लगाने से न सिर्फ बिजली का बिल कम होता है, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा पहुंचता है। यह अभियान पूर्वी दिल्ली में शुरू किया गया है, लेकिन इसका लक्ष्य पूरे शहर को सौर ऊर्जा के इस्तेमाल में आगे बढ़ाना है।

गांधी नगर में खोला गया नया स्मार्ट पैड माउंटेड सबस्टेशन बिजली की सप्लाई को और भी बेहतर और भरोसेमंद बनाएगा। यह सबस्टेशन आधुनिक तकनीक से लैस है, जिससे बिजली के वितरण में आने वाली दिक्कतों को कम किया जा सकेगा और बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस तरह के सबस्टेशन शहर के बिजली ग्रिड को मजबूत बनाते हैं और भविष्य की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने में मदद करते हैं।

दिल्ली सरकार का यह कदम दिखाता है कि वह शहर के विकास और नागरिकों की सुविधा को कितनी अहमियत देती है। बिजली जैसी बुनियादी सुविधा को बेहतर बनाना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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