केरल में मासूम अर्शिद की मौत: केएस चित्रा ने जताया दुख, समाज पर उठाए सवाल
केरल में मासूम अर्शिद की मौत: केएस चित्रा ने जताया दुख, समाज पर उठाए सवाल
NewsPoint•
केरल में डेढ़ साल के मासूम अर्शिद की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। बच्चे के शरीर पर 51 चोटों के निशान मिले। पुलिस ने मां और सौतेले पिता को गिरफ्तार किया है। सौतेले पिता ने कबूल किया कि वह बच्चे को बाधा मानता था। मां ने भी बचाने की कोशिश नहीं की।
केरल के पनावूर में डेढ़ साल के मासूम अर्शिद की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। गायिका केएस चित्रा ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि ऐसी क्रूरता दोबारा नहीं होनी चाहिए। अर्शिद की मौत पिटाई से हुई अंदरूनी चोटों के कारण हुई, जिसके शरीर पर 51 निशान मिले थे। पुलिस ने बच्चे की मां अखिला और सौतेले पिता अशकर को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
प्रसिद्ध गायिका केएस चित्रा ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, "सिर्फ डेढ़ साल के अर्शिद की मौत की खबर दिल तोड़ देने वाली है। यह मन को झकझोर देती है और डर पैदा करती है। ईश्वर करे कि ऐसी अमानवीय घटनाएं फिर कभी न हों। समाज को खुद को बेहतर बनाना होगा। मैं सिर्फ प्रार्थना कर सकती हूं।" यह बयान बच्चे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की गंभीरता को दर्शाता है।अर्शिद को जब अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। शुरुआत में, सौतेले पिता अशकर ने दावा किया था कि खाना खाते समय बच्चे के गले में कुछ फंस गया था, जिससे वह बेहोश हो गया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस झूठे दावे की पोल खोल दी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्चे को कई दिनों तक बेरहमी से पीटा गया था। लगातार पिटाई के कारण उसके शरीर के अंदरूनी अंगों में खून बहने लगा, जो उसकी मौत का कारण बना।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो बातें सामने आईं, वे बेहद खौफनाक थीं। बच्चे के शरीर पर सिगरेट से जलाए जाने के निशान भी पाए गए। इतना ही नहीं, उसके हाथ में भी गंभीर चोट थी, जो मारपीट के कारण फ्रैक्चर हो गई थी। यह सब इस बात का सबूत था कि अर्शिद को कितनी क्रूरता से प्रताड़ित किया गया था।
इस भयानक घटना के बाद, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चे की मां अखिला और सौतेले पिता अशकर को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश किए जाने पर, उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की पूछताछ में अशकर ने कबूल किया कि वह पिछले तीन महीनों से अर्शिद को मारने की योजना बना रहा था। उसका मानना था कि बच्चा उसकी और अखिला के रिश्ते में एक बाधा है। यह कबूलनामा बच्चे के प्रति उसकी नफरत और क्रूर इरादों को उजागर करता है।
बच्चे की मां अखिला ने भी अपनी भूमिका स्वीकार की। उसने बताया कि उसने अशकर को अपने बेटे को पीटते हुए देखा था, लेकिन उसने उसे बचाने की कोई कोशिश नहीं की। यह स्वीकारोक्ति मां की लाचारी या मिलीभगत, दोनों ही सवालों को जन्म देती है और इस घटना को और भी दुखद बनाती है।
यह भी पता चला है कि अर्शिद के जैविक पिता ने अखिला के गर्भवती होने के दौरान ही आत्महत्या कर ली थी। इस पृष्ठभूमि में, अर्शिद का जीवन पहले से ही मुश्किलों से भरा था। इस घटना ने पूरे केरल में लोगों को हिलाकर रख दिया है और समाज में भारी आक्रोश है। लोग इस तरह की क्रूरता के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। यह घटना बाल सुरक्षा और समाज की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।