अलवर नगर निगम अतिक्रमण हटाओ अभियान: सीमित कार्रवाई पर उठे सवाल
अलवर नगर निगम अतिक्रमण हटाओ अभियान: सीमित कार्रवाई पर उठे सवाल
NewsPoint•
अलवर नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई गुरुवार को सवालों के घेरे में आ गई। भारी लाव-लश्कर के बावजूद केवल एक थड़ी हटाई गई। बड़े अतिक्रमणों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने इसे महज औपचारिकता बताया। निगम की आगामी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
अलवर नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई गुरुवार को सवालों के घेरे में आ गई। भारी लाव-लश्कर के साथ पहुंची निगम की टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद सिर्फ एक थड़ी हटाई, जबकि बड़े अतिक्रमण जस के तस रह गए। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सवाल उठाए हैं और इसे महज औपचारिकता करार दिया है। शहर में लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें आ रही हैं, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। अब सबकी नजर निगम की अगली कार्रवाई पर है, उम्मीद है कि भविष्य में बड़े अतिक्रमणों पर भी प्रभावी कार्रवाई होगी।
गुरुवार को अलवर नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। इस अभियान में दो जेसीबी मशीनें, कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। भारी भरकम अमले के साथ निगम की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई का नतीजा बेहद निराशाजनक रहा। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी सिर्फ एक छोटी सी थड़ी को हटाया जा सका। जबकि फुटपाथ तोड़े गए और बड़े अतिक्रमणों को छुआ तक नहीं गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम की टीम ने कार्रवाई के दौरान दो जगहों पर फुटपाथ तोड़े और एक थड़ी हटाई। लेकिन इलाके में जो बड़े और पक्के अतिक्रमण हैं, उन्हें हाथ भी नहीं लगाया गया। इससे इस पूरे अभियान की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि जब निगम इतना बड़ा अमला लेकर आया था, तो फिर बड़े अतिक्रमणों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? कई लोगों ने इस कार्रवाई को सिर्फ खानापूर्ति और दिखावा बताया है।
अलवर शहर में अतिक्रमण की समस्या कोई नई नहीं है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लंबे समय से अतिक्रमण को लेकर शिकायतें आ रही हैं। नागरिकों का कहना है कि फुटपाथों और सार्वजनिक जगहों पर हुए कब्जों के कारण उन्हें आने-जाने में काफी परेशानी होती है। बच्चों और बुजुर्गों को तो और भी ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद अब शहरवासियों की निगाहें निगम के आने वाले अभियानों पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में निगम बड़े और स्थायी अतिक्रमणों के खिलाफ भी कड़े कदम उठाएगा। ताकि शहर के सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सके और लोगों को राहत मिल सके। यह देखना अहम होगा कि निगम अपनी अगली कार्रवाई में कितना गंभीर रहता है और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के अपने वादे को कितना पूरा करता है।