बीकानेर सिजेरियन डिलीवरी किडनी खराब: चिकित्सा मंत्री के बयान पर नई बहस, जांच जारी

NewsPoint

बीकानेर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की किडनी खराब होने का मामला तूल पकड़ रहा है। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। मंत्री ने पीबीएम अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट का इंतजार है।

Navbharat Times
बीकानेर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की किडनी खराब होने और स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस बीच, राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। मंत्री ने पीबीएम अस्पताल का दौरा कर प्रभावित महिलाओं की स्थिति का जायजा लिया और पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सभी महिलाओं की डिलीवरी के 2 से 3 घंटे बाद अचानक तबीयत कैसे बिगड़ गई। इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यह मामला पिछले कई हफ्तों से सुर्खियों में है, जिसमें सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और कुछ की किडनी प्रभावित होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ समितियों का गठन किया गया है और स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पीबीएम अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों और अधिकारियों से मरीजों के इलाज की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। अस्पताल प्रशासन ने मंत्री को मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। हालांकि, मामले के कारणों का पता लगाने के लिए जांच अभी भी जारी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी खराब होने के पीछे असली वजह क्या थी।
मंत्री के बयान के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। कई संगठनों और लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की जांच चल रही है और सभी की निगाहें रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।

बीकानेर का यह मामला काफी समय से चर्चा में है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई महिलाओं की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। कुछ मरीजों की किडनी भी प्रभावित हुई थी। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए गए थे। इस गंभीर मामले की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई गई थी। स्वास्थ्य विभाग लगातार इस स्थिति पर नजर रख रहा है।

गुरुवार को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर खुद पीबीएम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां डॉक्टरों और अधिकारियों से बात की और मरीजों के इलाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित महिलाओं को सबसे अच्छा इलाज मिलना चाहिए। अस्पताल के अधिकारियों ने मंत्री को मरीजों की सेहत और इलाज के बारे में पूरी जानकारी दी।

अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि आखिर महिलाओं की तबीयत क्यों बिगड़ी और उनकी किडनी क्यों खराब हुई। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जब विशेषज्ञों की रिपोर्ट आ जाएगी, तभी असली वजह का पता चलेगा। इस बीच, चिकित्सा मंत्री के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि सभी महिलाओं की डिलीवरी के 2 से 3 घंटे बाद अचानक तबीयत कैसे बिगड़ गई, तो उनके जवाब पर विवाद हो गया। इस बयान को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

इस मामले के राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी खूब चर्चे हो रहे हैं। कई सामाजिक संगठन और आम लोग चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है और सभी लोग रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

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