लखनऊ आग: 15 की मौत, सीएम योगी ने गठित की एसआईटी, जानें पूरी खबर
लखनऊ आग: 15 की मौत, सीएम योगी ने गठित की एसआईटी, जानें पूरी खबर
NewsPoint•
लखनऊ, 22 जून। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली और कई अन्य को घायल कर दिया। यह दर्दनाक हादसा आदित्य श्रीवास्तव जैसे कई लोगों के लिए मातम लेकर आया, जिनकी मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई। आदित्य की मां कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि उनका बेटा नौकरी से लौटने के कुछ ही देर बाद आग लगने के कारण फंस गया और उसकी जान चली गई। इस घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया और घायलों से मुलाकात की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया गया। यह एसआईटी सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
अलीगंज की उस इमारत में लगी आग ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। मृतकों में आदित्य श्रीवास्तव भी शामिल हैं, जिनके परिवार में मातम का माहौल है। आदित्य के परिवार वालों ने बताया कि वह बिल्डिंग के अंदर फंस गए थे और धुएं के कारण उनका दम घुट गया, जिससे उनकी जान चली गई। विशाल श्रीवास्तव, जो आदित्य के बुआ के बेटे थे, ने बताया कि आदित्य की मौत इस हादसे में हो गई। उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, आदित्य बिल्डिंग के अंदर फंस गए थे और संभवतः धुएं की वजह से उनकी जान चली गई।आदित्य की मां, कल्पना श्रीवास्तव, अपने बेटे की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहती हैं कि यह हादसा उनके परिवार के लिए एक ऐसा घाव है जो कभी नहीं भरेगा। उन्होंने बताया कि आदित्य को इसी साल जनवरी में नौकरी मिली थी और वह अपने करियर को लेकर बहुत उत्साहित थे। कल्पना श्रीवास्तव ने कहा, "सब खत्म हो गया। मेरा बेटा वहां नौकरी करने गया था।" उन्होंने बताया कि आदित्य का लंच टाइम दोपहर एक से दो बजे के बीच होता था। वह लंच करके करीब 10 मिनट पहले ही ऑफिस वापस पहुंच गया था। दो बजने में लगभग 10 मिनट बाकी थे, तभी वहां आग लग गई। कल्पना श्रीवास्तव का मानना है कि अगर वह कुछ देर बाद पहुंचता तो शायद उसकी जान बच जाती। उन्होंने यह भी बताया कि उनके बेटे का शरीर आग से नहीं जला था, बल्कि उनकी मौत धुएं से दम घुटने के कारण हुई थी।
इस दुखद घटना के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल राहत की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से भी मुलाकात की। वहां उन्होंने डॉक्टरों से घायलों के उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि इस हादसे को लेकर सीएम योगी की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। इस बैठक में दुर्घटना की पूरी स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। मीटिंग में सीएम योगी ने सख्त निर्देश दिए कि लखनऊ अग्निकांड मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए। इस दो सदस्यीय एसआईटी में अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग, अमृत अभिजात को शामिल किया गया है। वहीं, दूसरे सदस्य के रूप में लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस जांच दल को घटना की विस्तृत जांच करने और सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। यह एसआईटी आग लगने के कारणों और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही की जांच करेगी।