विश्व योग दिवस से पहले जानें मत्स्यासन के फायदे: आँखों, गले और पीठ दर्द से पाएं छुटकारा

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विश्व योग दिवस नज़दीक है। आयुष मंत्रालय ने मत्स्यासन के फायदे बताए हैं। यह आसन आंखों के खिंचाव, गले की बेचैनी और पीठ की अकड़न को दूर करता है। यह शरीर का संतुलन और लचीलापन बढ़ाता है। थायरॉइड ग्रंथि स्वस्थ रहती है। श्वास संबंधी समस्याओं में भी राहत मिलती है। मन शांत होता है।

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नई दिल्ली, 25 मई: विश्व योग दिवस के करीब आते ही, आयुष मंत्रालय ने मत्स्यासन के फायदों पर प्रकाश डाला है। यह आसन आंखों के तनाव, गले की बेचैनी, पीठ की अकड़न और शरीर के संतुलन व लचीलेपन की कमी जैसी आम समस्याओं से राहत दिलाने में बेहद कारगर है। व्यस्त जीवनशैली और गलत आदतों के कारण होने वाली इन परेशानियों का यह एक प्राकृतिक समाधान है।

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, हम में से कई लोग आंखों में खिंचाव, गले में असहजता और पीठ में अकड़न जैसी छोटी-छोटी दिक्कतों से परेशान रहते हैं। ज्यादा देर तक स्क्रीन के सामने बैठना और गलत तरीके से उठना-बैठना इन समस्याओं को और बढ़ा देता है। ये संकेत बताते हैं कि हमारे शरीर को फिर से लचीला और संतुलित बनाने की जरूरत है। ऐसे में, मत्स्यासन का नियमित अभ्यास इन सभी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मत्स्यासन गले, छाती और कंधों को खोलने का एक बेहतरीन तरीका है। इससे गले की मांसपेशियों को आराम मिलता है और थायरॉइड ग्रंथि भी स्वस्थ रहती है। यह आंखों के आसपास की मांसपेशियों पर पड़ने वाले तनाव को कम करता है। साथ ही, पीठ की अकड़न दूर होती है और कमर व रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है। इस आसन को नियमित रूप से करने से शरीर का संतुलन बना रहता है और लचीलापन बढ़ता है। यह श्वसन संबंधी समस्याओं में भी राहत देता है और मन को शांत रखने में सहायक है।

मत्स्यासन का अभ्यास करना बहुत आसान है। सबसे पहले, पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अपने हाथों को शरीर के साथ रखें और हथेलियों को नीचे की ओर रखें, कूल्हों के पास। अब, अपनी कोहनियों को जमीन पर टिकाएं और छाती को ऊपर की ओर उठाएं। सिर को पीछे की ओर झुकाएं ताकि सिर का ऊपरी हिस्सा जमीन को छू सके। आप अपने पैरों को सीधा रख सकते हैं या फिर कमलासन की मुद्रा में भी रख सकते हैं। सामान्य रूप से सांस लेते हुए इस मुद्रा में 15 से 30 सेकंड तक रहें।

यह आसन, जो दिखने में जितना सरल है, उतना ही प्रभावी भी है। इसे घर पर आसानी से किया जा सकता है और यह आधुनिक जीवन की छोटी-बड़ी शारीरिक परेशानियों से राहत दिलाने में बहुत कारगर साबित होता है। नियमित अभ्यास से न केवल आपका शरीर स्वस्थ रहेगा, बल्कि आपका मन भी प्रसन्न और ऊर्जावान बना रहेगा।

हालांकि, इस आसन को करते समय कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है। जिन लोगों को गर्दन या पीठ की गंभीर समस्या है, उन्हें डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही मत्स्यासन का अभ्यास करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी इस आसन को करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। आयुष मंत्रालय का यह प्रयास सराहनीय है, जो विश्व योग दिवस से पहले लोगों को योग के महत्व और विभिन्न आसनों के फायदों से अवगत करा रहा है। यह जानकारी लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

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