पटना में पेट्रोल डीजल महंगा: नई कीमतें लागू, जानें कितना बढ़ा दाम
पटना में पेट्रोल-डीजल महंगा: नई कीमतें लागू, जानें कितना बढ़ा दाम
NewsPoint•
पटना में पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ गए हैं। पेट्रोल 2.88 रुपये और डीजल 2.83 रुपये महंगा हुआ है। अब पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। यह नई दरें आज सुबह से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा है।
पटना में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल 2.88 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है, तो डीजल 2.83 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। इस बढ़ोतरी के बाद पटना में पेट्रोल की नई कीमत 113.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 99.36 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह नई दरें आज सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं। इस अचानक हुई बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा है, खासकर उन लोगों पर जो रोज गाड़ी चलाते हैं या जिनका काम-धंधा गाड़ियों पर निर्भर है।
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का असर सिर्फ गाड़ी चलाने वालों तक ही सीमित नहीं है। इसका असर पूरे बाजार पर पड़ता है। जब गाड़ियों से सामान लाने-ले जाने का खर्च बढ़ जाता है, तो जरूरी चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। पटना जैसे बड़े शहर में हर दिन हजारों लोग काम पर जाते हैं, इसलिए ईंधन के दाम बढ़ने से उनके महीने के खर्च पर फर्क पड़ता है। ऑटो, टैक्सी और बस चलाने वाले भी परेशान हैं। कई ड्राइवर कह रहे हैं कि डीजल महंगा होने से उनकी कमाई कम हो रही है, लेकिन वे तुरंत किराया नहीं बढ़ा सकते।कीमतें बदलने के बाद सुबह से ही पटना के कई पेट्रोल पंपों पर थोड़ी भीड़ देखी गई। कुछ लोग नई कीमतों के बारे में बात कर रहे थे, तो कुछ लोग बढ़ी हुई कीमतों से नाराज थे। पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने बताया कि कीमतों में यह बदलाव एक आम प्रक्रिया है और नई दरें सिस्टम में अपडेट हो गई हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के दाम ऊपर-नीचे होते रहते हैं। लेकिन लगातार दाम बढ़ना आम लोगों के लिए चिंता की बात है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, टैक्स और मांग-आपूर्ति पर निर्भर करती हैं। इसलिए इनमें बदलाव होना स्वाभाविक है।
यह बढ़ोतरी आम लोगों के लिए एक बड़ा झटका है। जो लोग रोज ऑफिस जाने के लिए अपनी गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं, उनके पेट्रोल के खर्च में काफी इजाफा हो जाएगा। इसी तरह, जो लोग टैक्सी या ऑटो चलाते हैं, उनके लिए भी यह मुश्किल खड़ी कर देगा। डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ता है। यानी, दाल, चावल, सब्जी जैसी चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
पटना में पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही देखी गई। कई लोग नई कीमतों को देखकर हैरान थे। कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि अब गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाएगा। एक ऑटो ड्राइवर ने बताया, "रोजाना डीजल का खर्च बढ़ रहा है। अगर किराया नहीं बढ़ाया तो घर चलाना मुश्किल हो जाएगा।"
पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि यह बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है। "हमारे सिस्टम में नई दरें अपडेट हो गई हैं। हम तो बस वही बेच रहे हैं जो हमें कंपनी से बताया गया है।"
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव कई कारणों से होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, सरकार द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स और बाजार में ईंधन की मांग और आपूर्ति, ये सभी चीजें कीमतों को प्रभावित करती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है, तो भारत में भी पेट्रोल और डीजल महंगा हो जाता है। इसी तरह, अगर सरकार टैक्स बढ़ा देती है, तो भी कीमतें बढ़ जाती हैं।
आम जनता के लिए यह एक चिंता का विषय है। लगातार बढ़ती महंगाई के इस दौर में, ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी लोगों के बजट को और बिगाड़ सकती है। सरकार से उम्मीद है कि वह इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगी ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।