शेयर बाज़ार में तेज़ी: निफ्टी 23,940 पर खुला, IT सेक्टर चमका, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

NewsPoint

हफ़्ते की शुरुआत बाज़ार के लिए अच्छी रही। निफ़्टी 220 अंक चढ़कर 23,940 पर खुला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ईरान-अमेरिका बातचीत से बाज़ार को सहारा मिला। रुपया भी डॉलर के मुकाबले मज़बूत हुआ। पिछले हफ़्ते आईटी सेक्टर में सबसे ज़्यादा 4.1% की बढ़त देखी गई। ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ निफ़्टी में सबसे ज़्यादा चढ़ने वाला शेयर रहा।

23940 it
हफ़्ते की शुरुआत शेयर बाज़ार के लिए शानदार रही। सोमवार को निफ़्टी 220 अंक चढ़कर 23,940 पर खुला। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत में आई नरमी ने बाज़ार का मिजाज खुशनुमा बना दिया। कच्चे तेल के सस्ते होने का असर रुपये पर भी दिखा, जो डॉलर के मुकाबले 35 पैसे मजबूत होकर 95.34 पर खुला। पिछले हफ़्ते IT सेक्टर ने बाज़ार में खूब धूम मचाई, जबकि Grasim Industries और Wipro जैसे शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया। वहीं, Power Grid और Tata Steel के शेयरों में गिरावट देखी गई। अब बाज़ार की चाल अमेरिका-ईरान की बातचीत, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के खुलने, कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड जैसे बड़े मुद्दों पर निर्भर करेगी।

पिछले हफ़्ते निफ़्टी 0.3% की मामूली बढ़त के साथ 23,719 पर बंद हुआ था। इस दौरान मिड-कैप शेयरों में 1.1% की अच्छी खासी तेजी आई, लेकिन स्मॉल-कैप इंडेक्स में कोई खास हलचल नहीं हुई। सेक्टरों की बात करें तो, IT सेक्टर ने 4.1% की ज़बरदस्त छलांग लगाई। इसके बाद रियल्टी और कैपिटल गुड्स सेक्टरों में भी तेजी देखी गई। दूसरी तरफ, FMCG सेक्टर को झटका लगा और यह 1.5% गिर गया। PSU और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी कमजोरी छाई रही।
पिछले हफ़्ते सबसे ज़्यादा फायदा Grasim Industries को हुआ, जिसके शेयर 7.5% चढ़ गए। निफ़्टी में Wipro, Infosys और Trent जैसे शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, Power Grid के शेयर 3.8% गिरकर सबसे ज़्यादा नुकसान वाले शेयरों में रहे। Tata Steel और Tata Consumer के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।

SBI Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, चौथी तिमाही के नतीजों का दौर अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। इसलिए, अब बाज़ार का सारा ध्यान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर रहेगा। होर्मुज़ जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की खबरें, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, बॉन्ड यील्ड में हलचल और रुपये की चाल जैसे बड़े मुद्दे बाज़ार की दिशा तय करेंगे। तकनीकी तौर पर देखें तो, निफ़्टी को 23,850–23,900 के स्तर पर रुकावट का सामना करना पड़ रहा है, जबकि 23,400–23,350 के स्तर पर सहारा मिल रहा है। बाज़ार में कोई भी बड़ी हलचल इन्हीं स्तरों के ऊपर या नीचे ही देखने को मिलेगी।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर आई अच्छी खबरों से कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। इसी वजह से बाज़ार का माहौल काफी सकारात्मक बना हुआ है। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत भी सही दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी को 'अच्छा दोस्त' बताया है। उम्मीद है कि ये सभी बातें मिलकर बाज़ार के माहौल को और भी मजबूत करेंगी। पिछले हफ़्ते निफ़्टी 23,719 पर बंद हुआ था, जो कि 0.3% की कुल बढ़त थी।

रेकमेंडेड खबरें