उज्जैन में गंगा दशहरा: मां शिप्रा परिक्रमा और सीएम मोहन यादव का दुग्धाभिषेक, श्रद्धालुओं की भारी भीड़

NewsPoint

उज्जैन में गंगा दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मां शिप्रा नदी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मां शिप्रा का दुग्धाभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। तीर्थ परिक्रमा यात्रा भक्तिमय माहौल में संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने पवित्र शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाई।

Navbharat Times
उज्जैन में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मां शिप्रा के तट पर श्रद्धालुओं ने भक्ति में डूबकर पुण्य कमाया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मां शिप्रा का दुग्धाभिषेक कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। गंगा दशहरा के दिन सुबह से ही शिप्रा नदी के घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। दूर-दूर से आए लोगों ने पवित्र शिप्रा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। धार्मिक मंत्रों के गूंज, भजनों और जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया था। मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा में साधु-संतों, आम श्रद्धालुओं और कई सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह यात्रा शहर के खास धार्मिक स्थलों और घाटों से होकर गुजरी। इस दौरान भक्त अपने हाथों में झंडे और कलश लिए मां शिप्रा की महिमा का बखान करते नजर आए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस खास कार्यक्रम में शिरकत की और शिप्रा नदी का दुग्धाभिषेक किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन सिर्फ एक धार्मिक शहर नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। मुख्यमंत्री ने मां शिप्रा को प्रदेश की आस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को गंगा दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में अच्छी ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना लाते हैं।
प्रशासन ने भी इस मौके पर खास इंतजाम किए थे। यात्रा और स्नान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाटों पर पुलिस बल तैनात था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेडिकल टीम और पीने के पानी की भी व्यवस्था की गई थी।

गंगा दशहरा के दिन शाम को शिप्रा घाटों पर एक भव्य महाआरती का भी आयोजन हुआ। दीयों की रोशनी और मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने मां शिप्रा की पूजा की। इस दौरान घाटों का नज़ारा बेहद खूबसूरत और मनमोहक लग रहा था।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और पूजा-पाठ करने से सभी पाप धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के चलते हर साल उज्जैन में गंगा दशहरा के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह पर्व लोगों को अपनी आस्था और परंपराओं से जुड़ने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। इस बार भी उज्जैन ने अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बखूबी दर्शाया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना कर एक सकारात्मक संदेश दिया। शिप्रा नदी, जो उज्जैन की जीवनदायिनी है, इस दिन और भी पवित्र मानी जाती है। श्रद्धालुओं का उत्साह और प्रशासन की व्यवस्थाएं मिलकर इस पर्व को यादगार बनाती हैं।

रेकमेंडेड खबरें