कर्नाटक में राजनीतिक हलचल: सिद्धारमैया के इस्तीफे पर सस्पेंस, आज हो सकता है बड़ा फैसला
कर्नाटक में राजनीतिक हलचल: सिद्धारमैया के इस्तीफे पर सस्पेंस, आज हो सकता है बड़ा फैसला
NewsPoint•
कर्नाटक में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर आज तस्वीर साफ हो सकती है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण नाश्ता बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान के सामने कुछ शर्तें रखी हैं। राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा गया है। इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया दिल्ली जा सकते हैं।
कर्नाटक में सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। उन्होंने अपने आवास पर एक अहम नाश्ता बैठक बुलाई है, जिसके बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान के सामने अपने बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाने जैसी कुछ शर्तें रखी हैं। उन्होंने राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा है, जिससे उनके गुरुवार को पद छोड़ने की संभावना बढ़ गई है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल के बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने आवास पर एक खास नाश्ता बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में कर्नाटक कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए। बैठक का मेन्यू भी चर्चा का विषय बना रहा, जिसमें मसाला डोसा, उपमा, इडली, वड़ा और पोंगल जैसे दक्षिण भारतीय व्यंजनों का खास इंतजाम था। नेताओं के पहुंचने का सिलसिला बैठक शुरू होने से पहले ही शुरू हो गया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक में भविष्य की रणनीति और सत्ता हस्तांतरण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान के सामने कुछ मांगें रखी हैं। इन मांगों में सबसे प्रमुख उनके बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाने की बात है। इन शर्तों के पूरा होने या न होने पर ही उनके इस्तीफे का फैसला निर्भर करेगा। उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय भी मांगा है, जो इस बात का संकेत है कि वह जल्द ही कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं।
इस बीच, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत सुबह 7:05 बजे मुंबई से इंदौर के लिए रवाना हो गए। हालांकि, उनके इस यात्रा को राज्य की मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल से जोड़कर देखा जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यपाल की यह यात्रा कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम को कैसे प्रभावित करती है।
अगर सिद्धारमैया इस्तीफा देते हैं, तो वह कांग्रेस आलाकमान से मिलने दिल्ली जा सकते हैं। वहां, वह पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करेंगे और पार्टी में अपनी भविष्य की भूमिका पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, अगली सरकार में अपने समर्थकों को अहम जिम्मेदारियां सौंपने और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर भी बातचीत होने की संभावना है। ऐसा माना जा रहा है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात में सरकार और पार्टी संगठन दोनों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
नाश्ता बैठक के मेन्यू में खास तौर पर दक्षिण भारतीय व्यंजनों को शामिल किया गया था। इसमें मसाला डोसा (लाइव काउंटर), खराबथ (उपमा), केसरी बाथ, इडली, उद्दी वड़ा, खारा पोंगल, कॉफ़ी और चाय शामिल थे। साथ में सांभर, चटनी और सागू-पाल्या भी परोसे गए। यह मेन्यू दिखाता है कि बैठक का माहौल काफी अनौपचारिक और सौहार्दपूर्ण रखने की कोशिश की गई थी, ताकि नेता खुलकर अपनी बात रख सकें।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस बैठक में भविष्य की रणनीतियों और सत्ता हस्तांतरण पर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। नेताओं के बीच यह मंथन होगा कि आगे पार्टी को कैसे मजबूत किया जाए और कर्नाटक में कांग्रेस की स्थिति को कैसे बेहतर बनाया जाए। यह बैठक कर्नाटक की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है।