ईरान के केश्म द्वीप पर अमेरिका ईरान सैन्य तनाव में वृद्धि, चार अमेरिकी ड्रोन ईरान ने किए कब्जे में
ईरान के केश्म द्वीप पर अमेरिका-ईरान सैन्य तनाव में वृद्धि, चार अमेरिकी ड्रोन ईरान ने किए कब्जे में
NewsPoint•
वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य तनाव गहरा गया है, खासकर ईरान के केश्म द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास। सोमवार की रात ईरान में हुए हवाई हमलों की खबरें आईं, जिसमें स्थानीय लोगों ने केश्म द्वीप पर पांच विस्फोट सुनने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने आस-पास दो विमान उड़ते देखे। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब अमेरिका ने हाल के हफ्तों में ईरान के खिलाफ कुछ गुप्त सैन्य हमले करने का दावा किया है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने बताया कि वे केश्म द्वीप पर धमाकों की आवाज सुन रहे थे। चश्मदीदों ने बताया कि यह धमाके समुद्र की दिशा से आए। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इन धमाकों को कभी-कभी सैन्य गतिविधियों के साथ जोड़ा जाता है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि वे उन जहाजों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में अनधिकृत रास्तों का उपयोग कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की सेना ने केश्म द्वीप पर गुप्त रूप से सीमित सैन्य हमले किए हैं। "द वॉल स्ट्रीट जर्नल" ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि इन हमलों का उद्देश्य अमेरिकी सुरक्षा को बढ़ाना है। ईरान ने इस हमले के मद्देनजर यह भी कहा है कि IRGC की नौसेना ने दो अमेरिकी ड्रोन को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे उनकी संख्या चार हो गई है। ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, ये ड्रोन खुफियागीरी के उद्देश्य से यहां भेजे गए थे।
IRGC का बयान शामिल करता है कि इन ड्रोन को मार गिराने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली का उपयोग करते हुए सुरक्षित उतारा गया। ईरान का कहना है कि इन ड्रोन की उपकरणों और आंकड़ों की जांच के बाद उन्हें अमेरिकी सैन्य गतिविधियों की जानकारी मिली है। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि प्रशासन क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों के लिए पैदा होने वाले खतरों से निपटने की कोशिश कर रहा है।
यह घटनाक्रम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन बयानों के बीच हो रहा है, जिसमें उन्होंने मंगलवार को अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान के साथ युद्ध की संभावना कम करने की बात की। ट्रंप प्रशासन ने कूटनीतिक समझौते की संभावनाओं के संकेत भी दिए हैं। ये दोनों देशों के बीच तनाव की जटिल तस्वीर पेश करते हैं, जहां एक तरफ सैन्य कार्रवाई हो रही है और दूसरी तरफ बातचीत की गुंजाइश है।
केश्म द्वीप ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित है और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक है, जो सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए एक प्रमुख स्थान है। दुनिया का बड़ा हिस्सा इसी स्ट्रेट से गुजरता है, और यहां अमेरिकी और ईरानी सैन्य गतिविधियों की बढ़ती संख्या से क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है।
इस बीच, ईरान के अधिकारियों ने यह भी कहा है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद जागरूक हैं और किसी भी अनधिकृत गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। ऐसे समय में जबकि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत संभव हो सकती है, सैन्य टकराव का खतरा भी बना हुआ है।
इस तरह की घटनाओं से दुनिया भर की तस्वीर बदल सकती है, क्योंकि इन घटनाओं का प्रभाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी इसका असर होगा। जब तक दोनों पक्षों के बीच मधुर वार्ता और समझौता नहीं होता, तब तक यह तनाव जारी रहने की संभावना है।
सम्राट के बदलाव और युद्धबंदियों के बीच, अमेरिका और ईरान का संबंध जटिल बना हुआ है। इस वक्त इन दोनों देशों के बीच बातचीत की आवश्यकता है, ताकि तनाव को कम किया जा सके और क्षेत्र में शांति स्थापित हो सके। अमेरिका की नीतियों और ईरान के जज्बातों के बीच संतुलन होना चाहिए, ताकि आगे चलकर बेहतर समाधान संभव हो सके।