अमिताभ बच्चन ने साझा की अपनी सेहत और नींद की समस्याएँ, जिम जाने की कोशिश जारी

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Navbharat Times
मुंबई, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने अपनी सेहत और फिटनेस के बारे में कुछ रोचक बातें साझा की हैं। हाल ही में उन्होंने बताया कि उन्हें नींद आने में दिक्कत हो रही है और वह फिर से जिम जाने का प्रयास कर रहे हैं। उम्र के साथ उनके शरीर में कुछ सीमाएं आती जा रही हैं। अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर कई पहलुओं पर प्रकाश डाला, जिसमें सुबह जल्दी उठने, लिखने में परेशानियों का जिक्र शामिल है। उन्होंने इंटरनेट पर नींद लाने के लिए उपयोगी टिप्स की भी चर्चा की और बताया कि कैसे उन्होंने कई तरीके आजमाए, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि हाल के दिनों में उन्हें अक्सर नींद नहीं आती। उन्होंने कहा कि कभी-कभी वह पूरी रात चिंतित रहते हैं, जिससे सुबह जल्दी उठना पड़ता है। ब्लॉग लिखते समय वह अक्षरों के फॉन्ट साइज में बदलाव करने में भी दिक्कत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, "ब्लॉग लिखते समय अभी भी अक्षरों का फॉन्ट साइज बदलने में परेशानी हो रही है। अगर किसी को इसका तरीका पता है तो मुझे समझाएं। मैंने गूगल पर भी देखा, लेकिन वहां दिए गए निर्देश समझ नहीं आए। आज थोड़ी जल्दी उठ गया, क्योंकि मन में यही चल रहा था कि कल रात ब्लॉग लिख लेना चाहिए था। अब उम्मीद है कि दोबारा नींद आ जाएगी, अगर नींद आई तो।"
अमिताभ ने नींद लाने के लिए इंटरनेट पर काफी जानकारी हजम की, जिसमें कई शारीरिक व्यायाम और तकनीकों का जिक्र था। लेकिन, जब कोई भी तरीका काम नहीं आया तो उन्होंने अपने पुराने तरीकों को बेहतर बताया। उन्होंने कहा, "इंटरनेट पर नींद लाने के लिए कई तरह के शारीरिक तरीके बताए जाते हैं। मैंने सब आजमाकर देख लिए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसलिए सबसे अच्छा है कि प्राकृतिक तरीके से सोने की कोशिश की जाए। कंबल में घुसकर उसी तरह सिमटकर सो जाओ, जैसे दुनिया में आने से पहले मां के गर्भ में थे। और बस, नींद आ जाती है।"

अमिताभ ने अपनी फिटनेस पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से जिम नहीं जा पा रहे हैं और अपनी एक्सरसाइज की दिनचर्या को फिर से सही करने के प्रयास में हैं। उन पर लगातार काम का भारी असर पड़ता है, जिससे वह अपने स्वास्थ्य पर और ध्यान देने की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, "जिम जाने की दिनचर्या थोड़ी बिगड़ गई है, इसलिए इसे फिर से नियमित करने की कोशिश कर रहा हूं। लगातार काम करने से शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं और ऐसे में खुद पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है।"

उन्होंने अपने विचारों को साझा करते हुए कहा, "मन कहता है कि हां, एक्सरसाइज करो, लेकिन शरीर कहता है- थोड़ा रुको दोस्त।" यह तर्क करते हुए कि "अपने अंदर के बूढ़े इंसान को हावी मत होने दो" का क्या मतलब है, उन्होंने बताया कि यह कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल।

अमिताभ बच्चन ने अपने अनुभवों को साझा करने के कारणों के साथ-साथ अपनी सेहत और फिटनेस पर अपने विचारों को वास्तविकता के साथ जोड़ने का प्रयास किया। उनकी यह कहानियाँ शायद उन लोगों के लिए प्रेरणादायक हों, जो फिट रहने के प्रयास में लगे हुए हैं।

नेटवर्क के माध्यम से आ रही चुनौतियों से अमिताभ बच्चन का यह सफर हमें यह सिखाता है कि उम्र बढ़ने के साथ हमारे लिए स्वास्थ्य की देखभाल करना कितना महत्वपूर्ण है। वह अपने पाठकों को यह संदेश देना चाहते हैं कि कठिनाइयाँ आएंगी, लेकिन हमें प्रयास करते रहना चाहिए।

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