उत्तराखंड सरकार ने दिवाली पर कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का आदेश जारी किया
उत्तराखंड सरकार ने दिवाली पर कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का आदेश जारी किया
NewsPoint•
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी दी है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का फैसला किया है। इससे करीब 80 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस बोनस की अधिकतम राशि 6,908 रुपये होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वित्त सचिव डॉ. वी. षणमुगम ने यह आदेश 2 नवंबर को जारी किया है।
इस बोनस का लाभ अराजपत्रित स्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ योग्य दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मिलेगा। हालांकि, हर कर्मचारी इस बोनस के लिए पात्र नहीं है। सरकार ने कुछ शर्तें तय की हैं। इसमें समूह 'ग' और समूह 'घ' के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इसके علاوہ, समूह 'ख' के उन अराजपत्रित कर्मचारियों को भी बोनस दिया जाएगा, जिनका ग्रेड पे 4,800 रुपये तक है। बोनस पाने के लिए यह जरूरी है कि कर्मचारी 31 मार्च 2026 को सेवा में कार्यरत रहे। साथ ही, उन्हें उस तारीख तक कम से कम छह महीने की निरंतर और संतोषजनक सेवा पूरी करनी होगी। यदि किसी कर्मचारी की सेवा छह महीने से अधिक लेकिन एक साल से कम है, तो उन्हें बोनस आनुपातिक आधार पर दिया जाएगा।
बोनस की राशि कैसे तय होगी? पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के समान बोनस मिलेगा। इसके लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। इस आधार पर अधिकतम करीब 6,908 रुपये का बोनस भुगतान होगा। इसके अलावा, दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक कर्मचारियों के लिए भी एक व्यवस्था है।
क्या पात्रता की शर्तें हैं? दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक कर्मचारियों के लिए, यदि वे छह दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन साल या उससे अधिक समय से हर साल कम से कम 240 दिन काम कर चुके हैं, तो वे भी पात्र होंगे। वहीं, जिन कर्मचारियों का कामकाजी दिनांक पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में कम से कम 206 दिन सालाना रहता है, वे भी इस योजना के अंतर्गत फायदा उठा सकते हैं। ऐसे कर्मचारियों को अधिकतम करीब 1,184 रुपये का बोनस मिलेगा।
अब बात करते हैं उन कर्मचारियों की, जो बोनस से बाहर रहेंगे। सरकार के अनुसार, कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों को तदर्थ बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। जैसे, जो कर्मचारी वित्तीय वर्ष के दौरान निलंबित रहे हैं, वे बोनस के लिए पात्र नहीं होंगे। अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे कर्मचारियों को भी इसका लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, जो कर्मचारी आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे हैं, वो भी इस दायरे से बाहर हैं। 4,800 रुपये से अधिक ग्रेड पे वाले कर्मचारी इस योजना के पात्र नहीं हैं। मनोयोग से काम कर रहे कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस नहीं मिलेगा।
स्थानीय निकायों के कर्मचारियों के बारे में क्या है? राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के पात्र कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस देने की अनुमति दी है। लेकिन इसका भुगतान संबंधित निकाय या प्राधिकरण को अपने संसाधनों से करना होगा। इसके लिए राज्य सरकार अलग से अनुदान नहीं देगी।
इस प्रकार, उत्तराखंड सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को दिवाली से पहले नकद बोनस मिलने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, पात्रता कर्मचारियों की सेवा अवधि, वेतन स्तर, और विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर तय होगी।
इस खबर से सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर है। सभी कर्मचारियों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। अब सभी लोग期待 कर रहे हैं कि दिवाली के मौके पर उनके हाथ में बोनस का तोहफा होगा।