2022 उत्तर प्रदेश चुनाव में देवरिया की सभी सात सीटों पर भाजपा की शानदार जीत
2022 उत्तर प्रदेश चुनाव में देवरिया की सभी सात सीटों पर भाजपा की शानदार जीत
NewsPoint•
देवरिया जिले में 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस बार जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। यहां की सीटों में रुद्रपुर, देवरिया, पथरदेवा, रामपुर कारखाना, भाटपार रानी, सलेमपुर और बरहज शामिल हैं। भाजपा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए अपने विरोधियों को दूर से पछाड़ दिया। इस चुनाव को भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके जरिए उन्होंने अपनी ताकत और वर्चस्व को साबित किया है।
देवरिया सदर की सीट सबसे चर्चित रही। यहां भाजपा के शलभ मणि त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार को 40,655 वोटों के अंतर से हराया। यह जीत पत्रकारिता से राजनीति में आए शलभ मणि त्रिपाठी के लिए बड़ी उपलब्धि है। पथरदेवा सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 93,858 वोट हासिल किए। उन्हें सपा के ब्रह्मशंकर त्रिपाठी पर 28,681 वोटों का अंतर मिला। रुद्रपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के जयप्रकाश निषाद ने 78,187 वोट हासिल किए। उन्होंने सपा के रामभुआल निषाद को 41,936 वोटों के अंतर से हराया। जयप्रकाश निषाद की यह जीत इस सीट पर मुक़ाबले की कड़ी स्थिति को दर्शाती है, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रताप सिंह तीसरे स्थान पर रहे।
रामपुर कारखाना सीट पर भाजपा के सुरेंद्र चौरसिया ने 14,670 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। यह चुनाव जिले की सबसे नज़दीकी लड़ाइयों में से एक थी। वहीं, भाटपार रानी सीट पर भाजपा की सभाकुंवर कुशवाहा ने सपा के मजबूत उम्मीदवार को 18,082 वोटों से हरा दिया।
सलेमपुर सीट, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, पर भाजपा की विजय लक्ष्मी गौतम ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 16,608 वोटों के अंतर से हराया। बरहज सीट पर भाजपा के दीपक कुमार मिश्रा ने भी जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 16,861 वोटों से हराया। बरहज पर भाजपा और सपा के बीच हमेशा से मुकाबला देखा जाता रहा है।
देवरिया जिले की राजनीति में विभिन्न समुदायों का बड़ा योगदान होता है। यहां ब्राह्मण, राजभर, निषाद, यादव, कुशवाहा, दलित और मुस्लिम मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जैसे कि रुद्रपुर में निषाद समुदाय का प्रभाव है, वहीं पथरदेवा और देवरिया सदर में ब्राह्मण मतदाता निर्णायक होते हैं।
भाटपार रानी में कुशवाहा और ओबीसी वोट बैंक का प्रभाव है। वहीं, सलेमपुर में दलित मतदाताओं की खासी संख्या है। सभी सात सीटों पर भाजपा की जीत ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार चुनाव पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में रहा। सपा, बसपा और कांग्रेस इस बार खाली हाथ रह गईं। इस बार भाजपा ने अपनी राजनीतिक ताकत को एक नए स्तर पर पहुंचाया है।