आंध्र प्रदेश में अर्नब चक्रवात का संकट: मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने की समीक्षा, राहत कार्य जारी

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Navbharat Times
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 28 अक्टूबर को चक्रवात 'अर्नब' के प्रभावों पर एक टेलीकॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स और अधिकारियों के साथ बैठक की। चंद्रबाबू रातभर चक्रवात की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा करते रहे। चक्रवात तट के पास पहुंच चुका है और इसके कारण भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने चक्रवात काल में आवश्यक सावधानियों को बरतने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने चक्रवात के चलते जारी राहत कार्यों पर गहरी नजर रखी। उन्होंने विशेष रूप से बेघर हो रहे लोगों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा, "मैंने 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान की है। हम बुजुर्ग, बच्चों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता देंगे।" बुधवार सुबह 6:15 बजे फिर से टेलीकॉन्फ्रेंस की गई। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात तट को पार कर चुका है।
कलेक्टरों ने भी अपने-अपने जिलों में जमीनी स्थिति की जानकारी दी। उदाहरण के लिए, कोनासीमा जिले के कलेक्टर ने बताया कि वहां लगभग 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं। इसके अलावा, अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के कारण जनजीवन पर भारी प्रभाव पड़ा है। चंद्रबाबू ने गिराए गए पेड़ों को तत्काल हटाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "हमारी कोशिश होगी कि टैंक और नहरें ओवरफ्लो न हों।"

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में मदद के लिए तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा, "पुलिस, अग्निशामक और चिकित्सा टीमें भी सक्रिय हैं।" नौसेना और तटरक्षक बल भी इस संकट में मदद के लिए तैयार हैं। भोजन, पेयजल, दवाइयाँ और जनरेटर की व्यवस्था की जा रही है। बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए 8,400 से अधिक कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है।

सीएम ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने लोगों से कहा, "जब भी सलाह दी जाए, तुरंत निर्धारित आश्रय स्थलों पर चले जाएं।" मछुआरों को भी सलाह दी गई है कि वे तब तक समुद्र में न जाएँ, जब तक कि आधिकारिक अनुमति न मिले। जरूरी सामान अपने पास रखने और फोन को चार्ज रखने की सलाह दी गई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि चक्रवात 'अर्नब' ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और यनम के तट पर दस्तक दी। चक्रवात के कारण अधिकतम हवा की गति 125-135 किमी प्रति घंटा रही, जबकि झोंकों की गति 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई।

मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों को समय पर पूरा करने और प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य स्थिति की बहाली के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।

चक्रवात 'अर्नब' के चलते आंध्र प्रदेश में सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं ताकि लोग सुरक्षित रहें। प्रदूषण कम करने, ठंड के मौसम में राहत प्रदान करने और जनजीवन को वापस सामान्य करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान, प्रशासन पूर्ण रूप से सजग है और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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