लाल बिहारी यादव ने वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर सपा की जीत को सुनिश्चित किया और भाजपा को हराया

NewsPoint•
Navbharat Times
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर Samajwadi Party (सपा) के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। उन्होंने भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 मतों से हराया। इस जीत की घोषणा होते ही सपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी और पार्टी के समर्थन में जोर-जोर से नारे लगाए। ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोग झूमते रहे।

लाल बिहारी यादव को कुल 11,612 वोट मिले, जबकि डॉ. प्रमोद मिश्रा को सिर्फ 6,597 वोट मिले। इस बार उनकी जीत का अंतर पिछले चुनाव जितना नहीं रहा, बल्कि यह बढ़कर 5,000 से अधिक वोटों का हो गया। इस बढ़ते अंतर को सपा के प्रति शिक्षकों की बढ़ती आस्था का प्रतीक मानते हैं। उन्होंने कहा, "यह जीत अखिलेश यादव की नीतियों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का परिणाम है।"
लाल बिहारी यादव ने आश्वासन दिया कि वह शिक्षकों के अधिकारों और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की बहाली और गैर-वित्तपोषित शिक्षकों के मानदेय का प्रमुखता से जिक्र किया। इसके अलावा, उन्होंने सहायता प्राप्त और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की सेवा शर्तों पर भी बात की। "इस सरकार के साथ शिक्षकों का बड़ा विश्वास है, इसलिए मैंने उन्हें फिर से जिताया है," उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि उन्होंने पिछले चुनाव में लगभग 1,000 वोटों से जीत हासिल की थी, पर इस बार उनका जीतने का अंतर बढ़कर 5,000 से अधिक हो गया। यह परिणाम पार्टी और उनके प्रति शिक्षकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने पुकार लगाई, "मुझे उम्मीद है कि अखिलेश यादव एक बार फिर उत्तर प्रदेश के Chief Minister बनेंगे और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करेंगे।"

सपा कार्यकर्ताओं के जश्न के बीच, लाल बिहारी यादव ने अखिलेश यादव का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह अपने वादे को पूरा करने का प्रयास करेंगे। इस जीत के बाद से पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। लोग एक-दूसरे को बधाई देने में जुट गए हैं और जश्न का सिलसिला जारी है। वाराणसी में इस जीत ने सपा को एक नई ऊर्जा दी है।

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