महालय अमावस्या: श्राद्ध और तर्पण के साथ पितृ पक्ष का समापन, देवी पक्ष का आगमन
महालय अमावस्या: श्राद्ध और तर्पण के साथ पितृ पक्ष का समापन, देवी पक्ष का आगमन
NewsPoint•
कोलकाता, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। आज महालया अमावस्या है, जिसे पितृ विसर्जन अमावस्या या सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या कहते हैं। यह महालया अमावस्या 9 अक्टूबर रात 9:35 बजे से शुरू हुई और 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे समाप्त होगी। इस दिन उन पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है जिनकी मृत्यु की तिथि अज्ञात है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए श्राद्ध कर्म के साथ पितृ पक्ष का समापन होता है। उत्सव के इस अवसर पर श्रद्धालु अपने दिवंगत पूर्वजों की शांति के लिए कोलकाता में गंगा के घाटों पर इकट्ठा हो रहे हैं।
कोलकाता के बागबाजार स्थित शारदा मां के मंदिर के पास गंगा घाट पर सुबह से बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। यहां वे धार्मिक मंत्रों का जाप करते हुए अपने पूर्वजों को जल अर्पित कर रहे हैं। यह एक पवित्र अवसर है जहाँ लोग अपने पिता-पूर्वजों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने इस अवसर पर अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा, "दुर्गा पूजा के पवित्र और खुशी भरे मौके पर, मेरी ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। मां दुर्गा, आदि शक्ति का सर्वोच्च रूप हैं; वे वह शाश्वत शक्ति हैं जो अधर्म का नाश करती हैं, धर्म की रक्षा करती हैं और सच्चाई की जीत सुनिश्चित करती हैं।" उन्होंने आगे कहा, "शक्ति भारतीय सभ्यता का अभिन्न अंग है, जिसकी उत्पत्ति बंगाल की पवित्र भूमि से हुई है। दुर्गा पूजा इसी शक्ति का भव्य उत्सव है। पूरा भारत शक्ति का यह त्योहार मना रहा है।"
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी एक्स पर लिखा, "शुभ महालया, देवी पक्ष की इस शुभ शुरुआत पर, मैं सभी को अपना हार्दिक प्यार और शुभकामनाएं देता हूं। मां आ रही हैं; मां का आगमन हर जीवन में खुशियां, शांति और समृद्धि लाए। मेरी प्रार्थना है कि पश्चिम बंगाल में विरासत, संस्कृति, एकता और भाईचारे के बंधन और भी मजबूत हों। सब मंगलमय हो।"
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस दिन की महत्ता को बेतरतीब किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "आज महालया के शुभ अवसर पर, चंडी पाठ की गूंज के साथ देवी पक्ष की शुरुआत हो रही है और इसी के साथ दुर्गा पूजा की उल्टी गिनती भी आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। पूरे असम में कलाकार मां और उनके बच्चों की मूर्तियों को अंतिम रूप दे रहे हैं, क्योंकि वे धरती पर अपनी वार्षिक यात्रा शुरू करने जा रही हैं। जय-जय मां दुर्गा।"
भाजपा नेता अरविंद कुमार त्रिपाठी ने एक्स पोस्ट में बताया, "सनातन धर्म में महालया का विशेष महत्व है। यह पितृ पक्ष की समाप्ति और देवी पक्ष के आरंभ का प्रतीक माना जाता है। महालया अमावस्या, जिसे सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाता है, पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है। इसके बाद देवी पक्ष की शुरुआत होती है और शारदीय नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा के उत्सव का वातावरण बनने लगता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महालया के दिन ही देवी दुर्गा को महिषासुर के वध के लिए आमंत्रित किया गया था। मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा का धरती पर आगमन होता है। महालया के साथ ही मां दुर्गा के स्वागत और दुर्गा पूजा की तैयारियों का उत्साह बढ़ जाता है।"
बंगाल भाजपा ने भी इस दिन के महत्व को साझा करते हुए एक्स पर लिखा, "कुमोरटुली की शांत गलियों में, जहां पुआल, मिट्टी और श्रद्धा मिलकर देवी-देवताओं को रूप देते हैं, वहां से कोलकाता में दुर्गा पूजा की उल्टी गिनती आधिकारिक तौर पर शुरू होते ही शहर में रौनक आ जाती है! जैसे-जैसे कारीगर मां दुर्गा की मूर्तियों को अंतिम रूप दे रहे हैं और पवित्र 'चक्षु दान' की तैयारी कर रहे हैं, शहर ईडन गार्डन्स में होने वाले ऐतिहासिक महालया कार्यक्रम के लिए तैयार हो रहा है।"
इस तरह महालया अमावस्या का दिन सभी के लिए श्रद्धा और आशा का संचार करने वाला है। लोग अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं और देवी दुर्गा के आगमन की प्रतीक्षा करते हैं। यह समय है जब सभी मिलकर खुशियों और संस्कृति का जश्न मनाते हैं, और एकता और भाईचारे का संदेश फैलाते हैं। सभी के दिलों में एक नई ऊर्जा और उम्मीद जगती है, जो आने वाले त्योहारों के सफर को और भी खास बनाती है। जैसे-जैसे दुर्गा पूजा का पर्व नजदीक आता है, सभी की खुशी और उत्साह बढ़ता जाता है।