शिमला में वीकेंड पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पर्यटन कारोबार को मिली नई रफ्तार
शिमला में वीकेंड पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पर्यटन कारोबार को मिली नई रफ्तार
NewsPoint•
शिमला में इस वीकेंड पर्यटकों की भीड़ बढ़ने से पर्यटन उद्योग को एक नई रफ्तार मिली है। राजधानी शिमला के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे रिज मैदान, मॉल रोड, कुफरी, नालदेहरा और मशोबरा में जमकर चहल-पहल देखी गई। पंजाब और अन्य राज्यों से परिवारों के साथ पर्यटक यहां आए। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि वीकेंड पर तो अच्छी भीड़ रही, लेकिन सामान्य दिनों में पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। ट्रैवल एजेंटों ने बताया कि वीकेंड पर उनके पास 65 से 70 प्रतिशत तक बुकिंग हुई है। लेकिन स्थानीय टैक्सी चालकों का कहना है कि पर्यटकों की इस भीड़ का फायदा कारोबारियों को नहीं मिल पा रहा है।
टूरिज्म उद्योग के रिश्तेदारों को आगामी विंटर सीजन से काफी उम्मीद है। ट्रैवल एजेंट केदार दत्त ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "वीकेंड के दौरान करीब 65 से 70 प्रतिशत तक बुकिंग हो रही है। हालांकि, सामान्य दिनों में पर्यटकों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रहती है।" उन्होंने सरकार से नई पर्यटन परियोजनाएं विकसित करने और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने की मांग की। वे कहते हैं, "हिमाचल में पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए इस दिशा में काम करने की जरूरत है।" बसंठ ठाकुर, जो पिछले 15 से 20 वर्षों से टैक्सी व्यवसाय में हैं, ने बताया कि इस बार उनका काम पिछले साल के मुकाबले बेहतर चल रहा है। उन्होंने कहा कि तीन छुट्टियों वाले वीकेंड के दौरान पर्यटकों की संख्या इतनी अधिक थी कि उन्हें पीक सीजन जैसा माहौल देखने को मिला। बावजूद इसके, पार्किंग की कमी और यातायात जाम की समस्या पर उन्होंने चिंता जताई। बसंठ ने कहा, "अधिकांश पर्यटक अपनी निजी गाड़ियों में आते हैं, जिससे शहर की सड़कों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे पर्यटकों, स्थानीय लोगों और टैक्सी चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है।"
राजीव कुमार, जो पंजाब के बरनाला से परिवार के साथ शिमला आए हैं, ने यहां के मौसम और माहौल का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लंबे वीकेंड के चलते उन्होंने परिवार के साथ शिमला आने का फैसला किया। उनके भाई 25 साल बाद इंग्लैंड से भारत आए हैं और उनकी शिमला घूमने की इच्छा थी। परिवार ने रिज मैदान, मॉल रोड और जाखू मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों पर घूमने का कार्यक्रम बनाया।
गौरव, जो मूल रूप से पंजाब के हैं और वर्तमान में ब्रिटेन में रहते हैं, 20 साल बाद शिमला लौटे हैं। उन्होंने कहा कि "शिमला की खूबसूरती और यहां का माहौल आज भी पहले जैसा आकर्षक है, हालांकि अब पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है।" उन्होंने इसके साथ यह भी कहा कि "मौसम घूमने के लिए बेहद सुहावना है और अपने परिवार व देशवासियों के साथ समय बिताने का अनुभव अलग ही है।"
स्थानीय टैक्सी चालकों का मानना है कि यदि पर्यटक स्थानीय टैक्सियों को प्राथमिकता दें, तो इससे न केवल कारोबार को फायदा मिलेगा, बल्कि जाम की समस्या भी कम होगी। उन्होंने बेहतर पार्किंग व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर भी जोर दिया। इस तरह, शिमला का पर्यटन उद्योग वीकेंड पर एक नई पहचान बना रहा है। कारोबारियों की भविष्यवाणियों के अनुसार, यदि सही दिशा में कदम उठाए गए तो आने वाले समय में पर्यटन व्यवसाय को और अधिक मजबूती मिलेगी।
इस तरह, शिमला में वीकेंड के दौरान पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने न केवल स्थानीय कारोबारियों को उत्साहित किया है, बल्कि शिमला के विंटर सीजन के लिए उम्मीदें भी जगाई हैं। मुख्यमंत्री से लेकर ट्रैवल एजेंट तक, सभी ने पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में सुझाव दिए हैं। शिमला की खूबसूरती और यहां की संस्कृति ने प्रदर्शित किया है कि यह एक बार फिर से पर्यटन का हॉटस्पॉट बन सकता है, यदि उचित कदम उठाए जाएं।