रॉबिन सिंह ने वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन के बीच प्रतिस्पर्धा को बताया सकारात्मक संकेत
रॉबिन सिंह ने वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन के बीच प्रतिस्पर्धा को बताया सकारात्मक संकेत
NewsPoint•
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन सिंह का कहना है कि वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन के बीच चल रही बहस भारतीय क्रिकेट टीम के लिए सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का संकेत है। यह प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है। सूर्यवंशी ने आईपीएल और अंडर-19 क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बाद सीनियर नेशनल टीम में डेब्यू किया। अब सवाल यह है कि भारतीय टी20 टीम में सूर्यवंशी और सैमसन में से किसका चयन होना चाहिए, जो अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करेंगे।
रॉबिन ने कहा, "बात खिलाड़ियों को खेलने का अच्छा मौका देने की है। आप नहीं चाहेंगे कि किसी युवा खिलाड़ी को सिर्फ एक या दो मैच खिलाकर बेंच पर बिठा दिया जाए। मुझे लगता है कि वे दिन अब बीत चुके हैं। उसे यह समझने का मौका देना भी जरूरी है कि इंटरनेशनल क्रिकेट क्या होता है।" रॉबिन ने सूर्यवंशी की प्रतिभा की तारीफ की और कहा कि, "सूर्यवंशी में बहुत टैलेंट है। इसलिए, अगर उसे बेंच पर बैठकर इंतजार करना भी पड़े, तो कोई बात नहीं।"सूर्यवंशी ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 4 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मैच में किया था। इसके बाद से, उन्होंने भारत के कुल 18 मैचों में से 8 मैचों में भाग लिया है। दूसरी तरफ, संजू सैमसन ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार खेल दिखाया। सैमसन ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में दो अर्धशतक और वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में 82 रन की पारी खेली।
हाल ही में, भारत ने जापान में एशियन खेलों के दौरान सूर्यवंशी और सैमसन दोनों को खेलने का मौका दिया था। उस मैच में प्लेइंग इलेवन में सिर्फ एक तेज गेंदबाज और कई स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर थे। उस स्थिति में स्पिनर्स को ज्यादा मदद मिल रही थी। लेकिन अब, अधिक तेज गेंदबाजों की मौजूदगी के कारण सूर्यवंशी को सैमसन और अभिषेक के साथ ओपनिंग करने का मौका नहीं मिल रहा है।
रॉबिन ने इस प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों पर दबाव होना अच्छी बात है। इससे वे अपने प्रदर्शन में कोई गलती नहीं करते। इस प्रतिस्पर्धा के चलते युवा खिलाड़ियों को सीखने का मौका भी मिलता है। विभिन्न खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन ने टीम के लिए एक स्वस्थ माहौल बनाया है।
इस प्रकार, यह प्रतिस्पर्धा भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल करने में मदद कर सकती है। खिलाड़ियों को सिर्फ खेल के फायदे नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर भी मिलता है। रॉबिन सिंह का मानना है कि यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भारतीय क्रिकेट को और भी मजबूत बनाएगी।