वलसाड के दमन गंगा बैराज परियोजना से 159.50 करोड़ रुपये की सिंचाई और जल सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
वलसाड के दमन-गंगा बैराज परियोजना से 159.50 करोड़ रुपये की सिंचाई और जल सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
NewsPoint•
गांधीनगर, 12 अक्टूबर: गुजरात के वलसाड जिले में एक महत्वपूर्ण बैराज परियोजना शुरू की जा रही है, जिसका अनुमानित खर्च 159.50 करोड़ रुपये है। यह परियोजना वापी के पास दमन-गंगा नदी पर बनाई जाएगी। इससे जिले में सिंचाई, भूजल पुनर्भरण और जल सुरक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह जानकारी मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में मिली है। यह बैराज मौजूदा वापी वियर से लगभग 3 किलोमीटर नीचे की ओर बनेगा और इसकी कुल स्टोरेज क्षमता 5.49 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) होगी।
इस बैराज की वजह से वलसाड जिले को कई फायदे हो सकते हैं। सबसे पहले, यह सिंचाई के लिए 549 हेक्टेयर जमीन को लाभान्वित करेगा। इससे किसानों को लिफ्ट सिंचाई के जरिए पानी मिलेगा, जिससे उनकी फसलें बेहतर होंगी। इस प्रोजेक्ट से छह गांवों को फायदा मिलेगा, जिसमें नामधा, चंदोर, मोहन, एकलहारे, नहुली और जांबुरी शामिल हैं। वर्षा की निर्भरता कम करके, किसान साल में दो या दो से अधिक फसलें उगा पाएंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस बैराज से पानी की उपलब्धता औद्योगिक और नगरपालिका जरूरतों को भी पूरा कर सकेगी। वापी के क्षेत्र में 2024-25 के मौजूदा डेटा से पता चलता है कि वापी वियर ने जीआडीसी वापी को औद्योगिक इस्तेमाल के लिए 19 एमसीएम पानी का वितरण किया। इससे नगरपालिका को 6 एमसीएम पानी की सप्लाई हुई, जिससे कुल 69.15 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। नई बैराज से और अधिक पानी स्टोर होगा, जो सिविक बॉडी के लिए अतिरिक्त राजस्व पैदा कर सकता है।
इस प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण पहलू भूजल रिचार्ज है। बैराज के ऊपरी हिस्से में लगभग 3.5 किलोमीटर तक पानी का संग्रह होगा, जिससे वापी शहर में मौजूद ट्यूबवेल रिचार्ज हो सकेंगे। इससे ग्राउंडवॉटर की गुणवत्ता में सुधार होगा और घरेलू उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। इसके अलावा, यह बैराज ज्वार-भाटा के प्रभाव को नियंत्रित करेगा और नदी के तल में खारे पानी के घुसने से रोकेगा।
इस परियोजना के जरिए वापी शहर को लगभग 2.3 लाख लोगों के लिए पीने के पानी की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, पार्क, बोटिंग एरिया और रिवरफ्रंट आदि जैसी मनोरंजन की जगहें बनाने का मौका मिलेगा। नदी ऊपर नई रोड कॉरिडोर बनाकर शहर में आने-जाने को आसान बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
परियोजना से पर्यावरण एवं सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। जैसे कि ज्वार-भाटा का कम प्रभाव और पानी की बेहतर स्थिति। यह रोजगार के नए अवसरों को भी उत्पन्न कर सकता है और मौसमी पलायन को कम कर सकता है।
इस बैराज परियोजना के निर्माण से स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिल सकता है और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें देश में सभी के लिए पीने और सिंचाई के पानी की सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में इस प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य चल रहा है। हर एक कदम पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह परियोजना केवल पानी की उपलब्धता में ही वृद्धि न करे, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा दे। घातक जल संकट से निपटने के लिए यह बैराज एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रख सकता है।
कुल मिलाकर, दमन-गंगा बैराज परियोजना न केवल वलसाड जिले के लिए बल्कि सम्पूर्ण क्षेत्र के विकास के लिए एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल कृषि क्षेत्र को नवीनीकरण मिलेगा, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार भी होगा। वलसाड के निवासी इस परियोजना के फलस्वरूप नई संभावनाओं की ओर अग्रसर हो सकेंगे।