राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर Supreme Court तक मार्च किया

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नई दिल्ली, 12 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक का आंदोलन बदस्तूर जारी है। यह प्रदर्शन सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करते हुए हुआ। इंडिया ब्लॉक ने कहा है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त के मामले और एसआईआर से जुड़े अपने आरोपों के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेगा। राहुल गांधी के नेतृत्व में यह याचिका पहले ही दाखिल की जा चुकी है।

इस मार्च में राहुल गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी मौजूद थे। अखिलेश यादव ने कहा, "आंदोलन और धरना-प्रदर्शन जारी रहेंगे। लोकतंत्र को बचाना हमारी जिम्मेदारी है।" उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी चुनाव आयोग के साथ मिलकर संविधान और लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा यदि सत्ता में बनी रहती है, तो वह लोकतंत्र को समाप्त कर देगी। "वे फर्जी वोटर लिस्ट बनाते हैं, फर्जी वोट डलवाते हैं और चुनाव नतीजों में हेरफेर करते हैं।" सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन की तस्वीरें भी तेजी से साझा की गईं, जिनमें प्रदर्शनकारियों की संख्या और उनकी मांगें स्पष्ट नजर आ रही थीं।

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को अपनी गलती माननी चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि "विरोध-प्रदर्शन की जगह बदलने से समस्या हल नहीं होगी। अगर वे लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं, तो उन्हें विरोध के लिए और जगहें बनानी चाहिए।"

इस प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर पुलिस प्रशासन और भाजपा सरकार द्वारा अत्याचार करने के आरोप भी लगाए गए। नेताओं ने कहा कि "विरोध प्रदर्शन के दौरान खासकर युवाओं और छात्रों के साथ बहुत अन्याय हो रहा है।"

अखिलेश यादव ने यह दावा भी किया कि अगर भाजपा का शासन और मजबूत होता है, तो वह लोकतंत्र का गला घोट देगी। "देश के सामने असली संकट भाजपा ही है। भाजपा खुद चुनाव आयोग के जरिए वोट चुरा रही है।" उन्होंने अंत में कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटा दिया जाएगा, तो "सब कुछ निष्पक्ष हो जाएगा, और लोकतंत्र सुरक्षित रहेगा।"

यही कारण है कि इंडिया ब्लॉक का यह संघर्ष जारी रहेगा।

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