गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व पर पटियाला में मैराथन, स्वास्थ्य मंत्री ने किया शुभारंभ

NewsPoint
Navbharat Times
पटियाला में गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के मौके पर एक मैराथन का आयोजन किया गया, जिसे पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन में स्कूली बच्चों, युवाओं और खेल प्रेमियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को गुरु रविदास की शिक्षाओं से जोड़ना और उन्हें नशे व अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखना था। स्वास्थ्य मंत्री ने इस मौके पर कहा कि बच्चों और युवाओं को शिक्षा और खेलकूद से जोड़ना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है। उन्होंने गुरु रविदास के समानता, मानवता और भाईचारे के संदेश को आज भी प्रासंगिक बताया और कहा कि उनके विचार समाज में व्याप्त भेदभाव और नफरत के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देते हैं।

डॉ. बलबीर सिंह ने इस बात पर भी चिंता जताई कि आज के समय में बच्चे ऑनलाइन गेमिंग और साइबर अपराधों जैसी नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चों के सामने कई मुश्किलें आ रही हैं। ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में बच्चे मानसिक और सामाजिक परेशानियों में फंस जाते हैं। कुछ बच्चे तो घर से भी भाग जाते हैं, जिससे उनके परिवारों को भी दिक्कत होती है। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को मिलकर बच्चों को इन मुश्किलों से बचाना होगा। सिर्फ नकारात्मक गतिविधियों से रोकना काफी नहीं है, बल्कि बच्चों को शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक कामों से जोड़ना भी बहुत ज़रूरी है।
पंजाब के लिए नशा एक बहुत बड़ी सामाजिक समस्या है। युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी बहुत अहम है। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि अगर बच्चों को कम उम्र से ही खेल और पढ़ाई से जोड़ा जाए, तो उन्हें नशे और दूसरी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही एक मजबूत पंजाब का निर्माण कर सकते हैं। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना पैदा करते हैं। इसलिए ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देना चाहिए।

पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र चुनावों और उनसे जुड़े विवादों पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद छात्र नेताओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं को सभी छात्रों के भले के लिए काम करना चाहिए और छात्र कल्याण को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। उन्होंने माना कि चुनाव के दौरान आरोप-प्रत्यारोप तो होते ही हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद सभी को मिलकर छात्रों की समस्याओं को हल करने की दिशा में काम करना चाहिए। विश्वविद्यालयों में अच्छा और सकारात्मक माहौल बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है।

अकाली नेता विक्रम मजीठिया के बारे में पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को पंजाब के असली मुद्दों पर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, गरीबों का कल्याण और खेल जैसे मुद्दे सबसे अहम हैं। इन विषयों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए ताकि आम लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।

देश की जीडीपी और रोजगार के मुद्दों पर भी डॉ. बलबीर सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर जीडीपी बढ़ रही है, तो इसका असर रोजगार के अवसरों और आम आदमी की खरीदने की क्षमता पर भी दिखना चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत बताई।

राहुल गांधी से जुड़े मामले और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग द्वारा उठाए जा रहे राजनीतिक मुद्दों पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे पंजाब में चुनाव नज़दीक आएंगे, राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी। उन्होंने कहा कि नेताओं को निशाना बनाने और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी बढ़ सकता है, लेकिन समाज को नफरत और बंटवारे की राजनीति से दूर रखना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी और अन्य गुरु साहिबान ने मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया है। आज के समय में इन सिद्धांतों को और मजबूती से अपनाने की ज़रूरत है।

इस दौरान डॉ. बलबीर सिंह ने अस्पताल में भर्ती एक नेता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी लेने के लिए ज़रूरी निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने फिर दोहराया कि बच्चों को नशे और सामाजिक बुराइयों से बचाकर शिक्षा और खेलों से जोड़ना ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और मजबूत पंजाब की नींव है।

गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व पर पोलो ग्राउंड में आयोजित मैराथन सिर्फ एक दौड़ नहीं थी, बल्कि यह एक बड़ा संदेश लेकर आई थी। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने खुद इस मैराथन को हरी झंडी दिखाकर युवाओं को प्रेरित किया। इस दौड़ में स्कूली बच्चों से लेकर नौजवानों और खेल प्रेमियों तक, हर कोई जोश से भरा हुआ था। इस आयोजन का मकसद साफ था - युवा पीढ़ी को गुरु रविदास महाराज की महान शिक्षाओं से जोड़ना और उन्हें नशे जैसी बुरी आदतों और समाज की दूसरी बुराइयों से दूर रखना।

मैराथन को रवाना करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज के समय में बच्चों और युवाओं को पढ़ाई-लिखाई और खेलकूद से जोड़ना सबसे ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने हमेशा समानता, मानवता और भाईचारे का पाठ पढ़ाया। उनके विचार आज 650 साल बाद भी हमारे समाज के लिए उतने ही मायने रखते हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने याद दिलाया कि गुरु रविदास महाराज ने समाज में फैले भेदभाव और नफरत के खिलाफ आवाज़ उठाई थी और हर इंसान को बराबर समझने की प्रेरणा दी थी। आज भी हमारे समाज में भेदभाव और नफरत जैसी समस्याएं मौजूद हैं। ऐसे में, गुरु साहिब की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि मैराथन जैसे कार्यक्रम युवाओं को अच्छी और सकारात्मक गतिविधियों में शामिल करने का एक बहुत ही असरदार तरीका हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की आदत और साइबर अपराधों को लेकर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है और इसके साथ ही बच्चों के सामने नई तरह की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कई बार बच्चे मानसिक और सामाजिक तौर पर परेशान हो जाते हैं। कुछ मामलों में तो बच्चे घर से भी निकल जाते हैं, जिससे उनके परिवारों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता, शिक्षकों और पूरे समाज को मिलकर बच्चों को इन मुश्किलों से बचाने के लिए काम करना होगा। बच्चों को सिर्फ गलत कामों से रोकना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें पढ़ाई, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और दूसरी रचनात्मक चीज़ों से जोड़ना भी बहुत ज़रूरी है।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशा पंजाब के सामने एक बहुत गंभीर सामाजिक चुनौती है। युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को छोटी उम्र से ही खेल और पढ़ाई से जोड़ा जाए, तो उन्हें नशे और दूसरी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही एक मजबूत पंजाब का निर्माण कर सकते हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना पैदा होती है। इसलिए ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देना चाहिए।

पंजाब यूनिवर्सिटी में हुए छात्र चुनावों और उनसे जुड़े विवादों पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद छात्र नेताओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं को सभी छात्रों के हित में काम करना चाहिए और छात्र कल्याण को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान आरोप-प्रत्यारोप तो स्वाभाविक हैं, लेकिन चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद सभी पक्षों को मिलकर छात्रों की समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। विश्वविद्यालयों में सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

अकाली नेता विक्रम मजीठिया को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को पंजाब के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, गरीब वर्ग के कल्याण और खेलों जैसे मुद्दे सबसे महत्वपूर्ण हैं। इन विषयों पर गंभीर चर्चा की जरूरत है ताकि आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।

देश की जीडीपी और रोजगार के मुद्दे पर भी डॉ. बलबीर सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि जीडीपी में वृद्धि हो रही है, तो उसका असर रोजगार के अवसरों और आम आदमी की क्रय शक्ति में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता जताई।

राहुल गांधी से जुड़े मामले और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग द्वारा उठाए जा रहे राजनीतिक मुद्दों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे पंजाब में चुनाव नजदीक आएंगे, राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी। उन्होंने कहा कि नेताओं को निशाना बनाने और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं, लेकिन समाज को नफरत और विभाजन की राजनीति से दूर रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी और अन्य गुरु साहिबान ने मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया है। आज के समय में इन सिद्धांतों को और मजबूती से अपनाने की जरूरत है।

इस दौरान डॉ. बलबीर सिंह ने अस्पताल में भर्ती एक नेता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में जानकारी लेने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि बच्चों को नशे और सामाजिक बुराइयों से बचाकर शिक्षा एवं खेलों से जोड़ना ही स्वस्थ, सुरक्षित और मजबूत पंजाब की नींव है।

रेकमेंडेड खबरें