Itarsi betul Tiger Corridor To Become Four lane Highway Development To Get New Flight With Rs 758 Crore Sanction
इटारसी-बैतूल टाइगर कॉरिडोर बनेगा फोर-लेन हाईवे: 758 करोड़ की मंजूरी, विकास को मिलेगी गति
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इटारसी-बैतूल के 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को फोर-लेन हाईवे बनाने की मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने 758 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। यह सड़क बैतूल को नागपुर से जोड़ेगी। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष अंडरपास और ओवरपास बनेंगे। यह परियोजना मध्य प्रदेश के परिवहन हब बनने में मदद करेगी।
भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 22 किलोमीटर लंबे 'टाइगर कॉरिडोर' को चार-लेन हाईवे में बदलने की मंजूरी मिल गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 758 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस फैसले पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। सीएम यादव ने कहा कि इस चार-लेन हाईवे के बनने से इटारसी-बैतूल क्षेत्र का नक्शा और तकदीर दोनों बदल जाएगी।
यह चार-लेन सड़क निर्माण इटारसी-बैतूल इलाके में विकास की नई लहर लाएगा। इससे क्षेत्रीय विकास, खासकर नागरिक सेवाओं और सुविधाओं तक पहुंच, चार गुना तेजी से बढ़ेगी। यह कॉरिडोर सीधे बैतूल को नागपुर से भी जोड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इटारसी-बैतूल सेक्शन में चार-लेन हाईवे पूरा होने से उत्तरी राज्यों और दक्षिणी राज्यों के बीच सड़क मार्ग से यात्रा और भी आसान, सरल और सुविधाजनक हो जाएगी।सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने खुद इस बात की घोषणा की है कि मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग-46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को 758 करोड़ रुपये की लागत से चार-लेन हाईवे में बदलने की मंजूरी दे दी गई है।
मंत्री गडकरी ने बताया कि यह इलाका खेती के लिए एक बड़ा केंद्र है। साथ ही, यहां कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और सीसा-जस्ता जैसे प्राकृतिक संसाधन भी भरपूर मात्रा में हैं। इस हिस्से को चार-लेन बनाने से पूरे क्षेत्र में माल की ढुलाई का समय कम होगा और सुरक्षा बढ़ेगी। इससे किसानों को मंडियों तक पहुंचने में भी आसानी होगी।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस प्रोजेक्ट में 11 विशेष अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे। इनकी मदद से जानवर सड़क पार कर सकेंगे और सुरक्षित रहेंगे। इससे आसपास के वन्यजीव क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं और जानवरों की मौतें कम होंगी।
मंत्री गडकरी ने यह भी बताया कि इस बचे हुए 22 किलोमीटर के हिस्से के अपग्रेड होने से पूरा ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर चार-लेन हाईवे बन जाएगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और माधव राष्ट्रीय उद्यान, रतपानी और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना न केवल सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देगी। किसानों को अपने उत्पाद बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि की उम्मीद है। साथ ही, यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, और बेहतर कनेक्टिविटी इन संसाधनों के कुशल परिवहन में मदद करेगी।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष अंडरपास और ओवरपास का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुनिश्चित करेगा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण और वन्यजीवों का भी संरक्षण हो। यह परियोजना मध्य प्रदेश के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी और राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण परिवहन हब के रूप में स्थापित करेगी।