वजन घटाने वाली इंजेक्शन्स: शादी से पहले युवाओं में क्रेज, पर डॉक्टर चिंतित

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शादी के मौसम में युवा वजन घटाने वाले इंजेक्शन का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। तिरजेपटाइड और सेमाग्लूटाइड जैसी दवाओं से तेजी से वजन कम हो रहा है। डॉक्टर इस चलन से चिंतित हैं क्योंकि इससे चेहरे की चर्बी और मांसपेशियों में अत्यधिक कमी आ रही है। इससे लोग अपनी उम्र से ज्यादा बूढ़े दिखने लगते हैं।

weight loss injection craze among youth before marriage doctors concerned risk of facial fat and muscle loss
नई दिल्ली [भारत], अप्रैल 5 (एएनआई): शादी की तैयारियों में जुटे युवा आजकल वेट-लॉस इंजेक्शन का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों ने इन उपचारों से चेहरे की चर्बी और मांसपेशियों में अत्यधिक कमी को लेकर चिंता जताई है। डॉ. अजय कश्यप, कासमेड सेंटर के निदेशक और अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल में प्लास्टिक और एस्थेटिक सर्जरी के वरिष्ठ सलाहकार के अनुसार, कई युवा शादी से पहले और जीवनसाथी की तलाश के दौरान ऐसे उपचारों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुरुषों और महिलाओं की संख्या में कोई खास अंतर नहीं है। आजकल लोग तिरजेपटाइड ( tirzepatide ) या सेमाग्लूटाइड ( semaglutide ) जैसी दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, और कभी-कभी कुछ खास हिस्सों में लिपोसक्शन (liposuction) भी करवाते हैं।

डॉ. कश्यप ने एक ऐसे मामले का भी जिक्र किया जहां अत्यधिक वजन कम होने के बाद आगे के उपचार की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने बताया, "वजन घटाने की दवा के इलाज के बाद, एक युवा महिला, जो खुद स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़ी है, ने अपनी शादी की तैयारी में कई महीनों के इलाज के बाद काफी वजन कम कर लिया (लगभग 20% शरीर का वजन)। हालांकि, चर्बी और मांसपेशियों के कम होने से उसका चेहरा पीला और अपनी 30 साल की उम्र से काफी बूढ़ा दिखने लगा। हमें उसके युवा रूप को बहाल करने के लिए स्किन टाइटनिंग (skin tightening) उपचार के साथ फैट (fat) और स्टेम सेल (stem cell) इंजेक्शन करने पड़े।"
उन्होंने चेतावनी दी कि ये दवाएं वजन कम करने में मदद करती हैं, लेकिन इनसे मांसपेशियों का नुकसान और अन्य दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। डॉ. कश्यप ने कहा, "इन दवाओं से वजन घटाने में निश्चित रूप से फायदा है, लेकिन यह समझना होगा कि इस उपचार से चर्बी के साथ-साथ मांसपेशियों का भी नुकसान होता है। हमें ओज़ेम्पिक फेस (Ozempic faces) वाले कई मरीजों का इलाज करना पड़ा है, जहां चेहरे की चर्बी और मांसपेशियों का अत्यधिक नुकसान हुआ है। इसके अन्य दुष्प्रभाव भी हैं, और इस थेरेपी को शुरू करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।"

इसी तरह की चिंता जताते हुए, डॉ. गौरंग कृष्णा, मेडलिंक्स के निदेशक और कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट (dermatologist) ने कहा कि हाल के महीनों में ऐसी दवाओं की मांग बढ़ी है, खासकर शादी की तैयारी कर रहे लोगों के बीच। उन्होंने कहा, "जीएलपी-1 (GLP-1) दवाएं बहुत लोकप्रिय हो गई हैं, मरीज इनसे ठोस वजन घटाने की उम्मीद करते हैं। हमें शादी से 3-4 महीने पहले कुछ किलो वजन कम करने के लिए लोगों के अनुरोध मिलते हैं। इसे चिकित्सकीय देखरेख में ही दिया जाना चाहिए।"

वहीं, सर गंगा राम अस्पताल के प्लास्टिक और कॉस्मेटिक सर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. महेश मंगल ने कहा कि इन दवाओं के बारे में जागरूकता मुख्य रूप से विज्ञापनों और प्रचार से प्रेरित है। उन्होंने कहा, "आजकल वजन घटाने की दवाएं लोगों के बीच बहुत मशहूर हैं, और वे अधिक जानकारी के लिए हमारे पास आते हैं। हम लिपोसक्शन करते हैं, इसलिए हमें ऐसे सवाल मिलते हैं कि क्या उन्हें ऐसी दवाएं लेनी चाहिए या नहीं। हमें न केवल मरीजों से, बल्कि परिवार के सदस्यों, दोस्तों और रिश्तेदारों से भी इन दवाओं के बारे में पूछताछ मिलती है। उन्हें इन दवाओं के बारे में केवल विज्ञापनों और प्रचार गतिविधियों से ही पता चलता है। यह एक चमत्कारी दवा है, लेकिन इसका दुरुपयोग और स्व-औषधि हानिकारक है। भारत सरकार ने दुरुपयोग और स्व-औषधि से बचने के लिए अब नियम बनाए हैं।"

यह चलन खासकर उन युवाओं में देखा जा रहा है जो अपनी शादी के लिए परफेक्ट दिखना चाहते हैं। वे न केवल वजन कम करना चाहते हैं, बल्कि चेहरे पर जवानी बनाए रखना चाहते हैं। लेकिन डॉक्टरों की मानें तो इन दवाओं का असर सिर्फ वजन कम करने तक सीमित नहीं है। ये चेहरे की चर्बी और मांसपेशियों को भी कम कर देती हैं, जिससे व्यक्ति उम्र से ज्यादा बूढ़ा दिखने लगता है।

डॉ. कश्यप के अनुसार, कई युवा शादी से पहले और जीवनसाथी की तलाश के दौरान इन दवाओं का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुरुषों और महिलाओं की संख्या में कोई खास अंतर नहीं है। आजकल लोग तिरजेपटाइड (tirzepatide) या सेमाग्लूटाइड (semaglutide) जैसी दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, और कभी-कभी कुछ खास हिस्सों में लिपोसक्शन (liposuction) भी करवाते हैं।

एक ऐसे ही मामले में, एक युवा महिला, जो खुद स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़ी है, ने शादी की तैयारी में इन दवाओं से काफी वजन कम कर लिया। लेकिन इसका नतीजा यह हुआ कि उसका चेहरा पीला और अपनी 30 साल की उम्र से काफी बूढ़ा दिखने लगा। इस समस्या को ठीक करने के लिए डॉक्टरों को स्किन टाइटनिंग (skin tightening) उपचार के साथ फैट (fat) और स्टेम सेल (stem cell) इंजेक्शन करने पड़े।

डॉक्टरों का कहना है कि इन दवाओं से वजन घटाने में फायदा तो है, लेकिन यह भी सच है कि इनसे चर्बी के साथ-साथ मांसपेशियों का भी नुकसान होता है। डॉ. कश्यप ने "ओज़ेम्पिक फेस" (Ozempic faces) वाले मरीजों का जिक्र किया, जिनके चेहरे की चर्बी और मांसपेशियों में अत्यधिक कमी आ गई थी। उन्होंने सलाह दी कि इस थेरेपी को शुरू करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और इसके अन्य दुष्प्रभावों पर भी ध्यान देना चाहिए।

डॉ. गौरंग कृष्णा ने बताया कि जीएलपी-1 (GLP-1) दवाएं आजकल बहुत चलन में हैं। लोग इनसे तेजी से वजन कम करने की उम्मीद करते हैं। शादी से कुछ महीने पहले वजन कम करने के लिए लोग इन दवाओं के बारे में पूछते हैं। लेकिन यह बहुत ज़रूरी है कि इन दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह और देखरेख में ही किया जाए।

डॉ. महेश मंगल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन दवाओं के बारे में लोगों को जानकारी मुख्य रूप से विज्ञापनों और प्रचार से मिलती है। लोग वजन घटाने की दवाओं के बारे में जानने के लिए डॉक्टरों के पास आते हैं। वे लिपोसक्शन (liposuction) भी करते हैं, इसलिए उनसे अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या उन्हें ऐसी दवाएं लेनी चाहिए या नहीं। यह सिर्फ मरीजों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार वाले, दोस्त और रिश्तेदार भी इन दवाओं के बारे में पूछते हैं।

डॉ. मंगल ने चेतावनी दी कि यह एक चमत्कारी दवा की तरह लग सकती है, लेकिन इसका दुरुपयोग और खुद से दवा लेना बहुत हानिकारक है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ने इसके दुरुपयोग और स्व-औषधि को रोकने के लिए नियम बनाए हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोग बिना सोचे-समझे इन दवाओं का इस्तेमाल न करें और इसके गंभीर परिणामों से बच सकें। कुल मिलाकर, डॉक्टरों की सलाह है कि वजन घटाने के लिए किसी भी दवा का इस्तेमाल करने से पहले पूरी जानकारी लें और विशेषज्ञ की राय ज़रूर लें।

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