बांग्लादेश में खसरा प्रकोप: 100 से अधिक बच्चों की मौत के बाद आपातकालीन टीकाकरण अभियान शुरू

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बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप चिंताजनक है। 100 से अधिक बच्चों की मौत के बाद सरकार ने आपातकालीन टीकाकरण अभियान शुरू किया है। यह अभियान विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और गावी वैक्सीन एलायंस के सहयोग से चलाया जा रहा है। छह महीने से पांच साल तक के बच्चों को टीका लगाया जा रहा है।

measles outbreak in bangladesh over 100 children dead emergency vaccination launched
ढाका, सात अप्रैल: बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। एक महीने से भी कम समय में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने खसरा-रूबेला का आपातकालीन टीकाकरण अभियान शुरू किया है। यह अभियान विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूनिसेफ (UNICEF) और ‘गावी वैक्सीन एलायंस’ के सहयोग से चलाया जा रहा है।

यह टीकाकरण अभियान रविवार को 18 जिलों में शुरू हुआ है। इसमें छह महीने से पांच साल तक के बच्चों को टीका लगाया जा रहा है। ये जिले खसरे के संक्रमण के लिहाज से सबसे ज्यादा जोखिम वाले हैं। आने वाले महीने में इस अभियान को पूरे देश में धीरे-धीरे लागू किया जाएगा।
यूनिसेफ की बांग्लादेश प्रतिनिधि राना फ्लावर्स ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मामलों में अचानक आई तेजी छोटे और कमजोर बच्चों के लिए बहुत खतरनाक है। उन्होंने बताया कि यह दिखाता है कि लोगों में बीमारी से लड़ने की क्षमता कम हो गई है। खासकर उन बच्चों में जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है या जिनका टीकाकरण अधूरा है। नौ महीने से कम उम्र के बच्चों में संक्रमण ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि वे अभी नियमित टीकाकरण के लिए योग्य नहीं हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, 15 मार्च से अब तक खसरे के 7,500 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें से 900 से ज्यादा मामलों में खसरे की पुष्टि हो चुकी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, खसरा एक बहुत ही संक्रामक बीमारी है। यह हवा से फैलती है। इसके लक्षणों में बुखार, सांस लेने में तकलीफ और शरीर पर दाने निकलना शामिल हैं। WHO का कहना है कि इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आबादी के लगभग 95 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण होना बहुत जरूरी है।

खसरा एक ऐसी बीमारी है जो बहुत आसानी से फैल जाती है। यह हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचती है। इसके होने पर तेज बुखार आता है, सांस लेने में दिक्कत होती है और पूरे शरीर पर लाल-लाल दाने निकल आते हैं। इस बीमारी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है टीका लगवाना। WHO का कहना है कि अगर 100 में से 95 लोगों को टीका लग जाए, तो यह बीमारी फैल नहीं पाएगी।

सरकार इस आपातकालीन अभियान के जरिए ज्यादा से ज्यादा बच्चों को टीका लगाकर इस जानलेवा बीमारी से बचाना चाहती है। यह अभियान बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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