New Action Plan For Weavers By Yogi Government Emphasis On Income Respect And Livelihood Stability Cluster based Development To Boost
योगी सरकार की बुनकरों के लिए नई कार्ययोजना: आय, सम्मान और आजीविका की स्थिरता पर जोर, क्लस्टर-आधारित विकास से मिलेगा बढ़ावा
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उत्तर प्रदेश सरकार बुनकरों के लिए एक नई कार्ययोजना ला रही है। इसका मुख्य उद्देश्य उनकी आय, सम्मान और आजीविका को सुरक्षित करना है। क्लस्टर-आधारित विकास से उत्पादन, डिजाइन, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच को एकीकृत किया जाएगा। इससे बुनकरों को नई तकनीक और बेहतर मशीनों का लाभ मिलेगा।
लखनऊ, 9 अप्रैल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुनकरों को राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बताते हुए उनकी आय, सम्मान और आजीविका को सुरक्षित करने को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने बुनकरों के सामने आ रही कच्चे माल की बढ़ती कीमतों, डिजाइन और आधुनिक तकनीक की कमी, और बाजार तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए एक नई, परिणामोन्मुख और क्लस्टर-आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह योजना न केवल उत्पादन बल्कि डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच को भी एक ही ढांचे में एकीकृत करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि बुनकर सिर्फ परंपरा को आगे बढ़ाने वाले नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले भी हैं। इसलिए, उनकी आय, सम्मान और आजीविका को स्थिर बनाना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने स्वीकार किया कि बुनकरों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, नए डिजाइन और आधुनिक तकनीक का अभाव, और बाजार तक पहुंच का सीमित होना। इन समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं होगा, बल्कि एक मजबूत और संगठित व्यवस्था बनाने से ही संभव है। इसी को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने परिणाम देने वाली, क्लस्टर-आधारित नई कार्ययोजना बनाने का आदेश दिया।बैठक में यह जानकारी दी गई कि उत्तर प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर काम कर रहे हैं और इस क्षेत्र में राज्य देश में छठे स्थान पर है। कालीन, दरी और मैट बनाने में तो उत्तर प्रदेश सबसे आगे है ही, साथ ही बेडशीट, फर्निशिंग और ब्लैंकेट जैसे उत्पादों में भी राज्य की अच्छी खासी हिस्सेदारी है। साल 2024-25 में, देश का कुल हथकरघा निर्यात 1178.93 करोड़ रुपये रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान 109.40 करोड़ रुपये रहा, जो लगभग 9.27 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन इलाकों में बुनकरों की संख्या ज्यादा है, उनकी पहचान कर वहां क्लस्टर (समूह) बनाए जाएं। इससे उत्पादन, गुणवत्ता और बिक्री को एक साथ जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने साफ किया कि ये क्लस्टर सिर्फ सामान बनाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी वैल्यू चेन (उत्पाद बनाने से लेकर ग्राहक तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया) के रूप में विकसित होंगे। इसका मतलब है कि डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच, सब कुछ एक ही जगह पर सुनिश्चित होगा।
बैठक में क्लस्टर चुनने, शुरुआती सर्वे करने, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने, योजना को ठीक से लागू करने और लगातार निगरानी रखने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सीएम योगी ने कहा कि हर क्लस्टर में कुछ बुनकरों को मिलाकर पंजीकृत इकाइयां बनाई जाएं, ताकि वे मिलकर उत्पादन कर सकें और अपनी चीजें बेच सकें। साथ ही, इन क्लस्टरों को नई तकनीक, बेहतर मशीनों और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा, ताकि उनके बनाए सामान की गुणवत्ता और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ सके।
डिजाइन और बिक्री को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी उत्पाद तभी सफल होता है जब वह बाजार की मांग के हिसाब से बनाया जाए। उन्होंने 'डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव' (डिजाइनर जो मार्केटिंग भी करे) और 'डिजाइन हाउस/सोर्सिंग-बाइंग एजेंसी/एक्सपोर्ट हाउस' (डिजाइन बनाने वाली, सामान खरीदने-बेचने वाली या निर्यात करने वाली कंपनियां) जैसी संस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। इससे उत्पादों की गुणवत्ता सुधरेगी, बड़े बाजारों तक पहुंच बनेगी और बुनकरों की आमदनी बढ़ेगी।
उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और ब्रांडिंग को बढ़ावा देने पर भी खास ध्यान देने को कहा, ताकि बुनकर सीधे ग्राहकों से जुड़ सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने पावरलूम (बिजली से चलने वाले करघे) चलाने वाले बुनकरों के बिजली बिल को कम करने के लिए और बेहतर प्रयास करने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, हथकरघा विभाग और पावर कॉर्पोरेशन मिलकर इस संबंध में एक कार्ययोजना बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे बुनकरों की बिजली की लागत कम होगी और उन्हें लंबे समय तक फायदा मिलेगा। उन्होंने इस दिशा में एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का बुनकर समुदाय राज्य की पुरानी परंपरा, रोजगार और अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। इसलिए, एक ऐसी संतुलित, पारदर्शी और व्यावहारिक नीति बनाई जानी चाहिए जिससे बुनकरों को असली राहत मिले, उद्योग को नई ऊर्जा मिले और राज्य की पारंपरिक बुनकरी को एक मजबूत आधार मिल सके। इस बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान जी भी मौजूद रहे।