Congress Suspended Mla Sharman Ali Ahmed Joins Raijor Dal Stir In Assam Politics
कांग्रेस से निलंबित विधायक शरमन अली अहमद रायजोर दल में शामिल, असम की राजनीति में हलचल
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कांग्रेस के निलंबित विधायक शरमन अली अहमद ने रायजोर दल का दामन थाम लिया है। यह असम की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम है। इससे पहले कांग्रेस के एक अन्य विधायक अब्दुर रशीद मंडल भी रायजोर दल में शामिल हुए थे। शरमन अली अहमद मंडिया सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं।
गुवाहाटी, 17 फरवरी: कांग्रेस से निलंबित विधायक शरमन अली अहमद ने मंगलवार को रायजोर दल का दामन थाम लिया। इसी के साथ, असम की मुख्य विपक्षी पार्टी को छोड़कर अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले दल में शामिल होने वाले वह दो दिनों में दूसरे विधायक बन गए हैं। बाघबर से तीन बार विधायक रह चुके अहमद का रायजोर दल में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कालगछिया में एक कार्यक्रम में स्वागत किया।
अहमद ने कहा कि परिसीमन के बाद होने वाले पहले विधानसभा चुनाव में वह मंडिया सीट से टिकट मांगेंगे। पूर्व सरकारी अधिकारी रहे अहमद पहली बार 2011 में एआईयूडीएफ के टिकट पर विधायक बने थे। बाद में एआईयूडीएफ से निकाले जाने पर उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की और 2016 व 2021 में बाघबर सीट से फिर जीते। हालांकि, अक्टूबर 2021 में "पार्टी के अनुशासन का बार-बार उल्लंघन" करने के आरोप में उन्हें कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। उसी साल सितंबर में दरांग जिले में अतिक्रमण हटाने के अभियान के खिलाफ कथित तौर पर 'भड़काऊ' टिप्पणी करने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।इससे एक दिन पहले, कांग्रेस के एक और विधायक अब्दुर रशीद मंडल भी रायजोर दल में शामिल हो गए थे। मंडल का यह कदम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के इस्तीफे की पेशकश के बीच आया। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने बोरा का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए समय मांगा है।
रायजोर दल में शामिल होने के बाद शरमन अली अहमद ने कहा कि वह जनता की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं और रायजोर दल उन्हें यह मौका देगा। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में रहते हुए भी पार्टी के फैसलों से सहमत नहीं थे और अब वह अपनी विचारधारा के अनुसार काम कर पाएंगे। अहमद ने यह भी कहा कि वह रायजोर दल के माध्यम से राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
यह घटनाक्रम असम की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस पार्टी को लगातार झटके लग रहे हैं, जिससे उसकी स्थिति और कमजोर हो सकती है। वहीं, अखिल गोगोई के नेतृत्व वाला रायजोर दल इन विधायकों के शामिल होने से मजबूत हो रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह दल राज्य की राजनीति में कितना प्रभाव डाल पाता है।