Galgotias University Expelled From Ai Expo Full Story On Robotic Dog Orion Controversy
गलगोटियास यूनिवर्सिटी AI एक्सपो से हटाई गई: रोबोटिक डॉग विवाद पर जानें पूरी खबर
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गलगोटियास यूनिवर्सिटी को AI एक्सपो से बाहर कर दिया गया है। यह फैसला रोबोटिक डॉग 'ओरियन' को लेकर उठे विवाद के बाद आया है। यूनिवर्सिटी पर चीनी रोबोट को अपनी इन-हाउस इनोवेशन बताने का आरोप है। इस घटना ने तकनीक के प्रदर्शन में पारदर्शिता के महत्व को उजागर किया है।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी को AI समिट एक्सपो से तुरंत अपना स्टॉल खाली करने का आदेश मिला है। यह फैसला रोबोटिक डॉग 'ओरियन' के प्रदर्शन को लेकर उठे विवाद के बाद आया है। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने चीनी निर्मित रोबोट को अपनी इन-हाउस इनोवेशन बताकर पेश किया। इस मामले में ऑनलाइन नाराजगी के बाद यूनिवर्सिटी को यह कार्रवाई झेलनी पड़ी है।
सूत्रों के मुताबिक, आयोजकों ने यूनिवर्सिटी से एक्सपो खाली करने को कहा है। गलगोटियास यूनिवर्सिटी पर आयातित तकनीक को अपनी बताकर धोखा देने का आरोप लगा है। इस विवाद के बीच, ग्रेटर नोएडा स्थित इस यूनिवर्सिटी ने एक बयान जारी किया है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि रोबोटिक प्रोग्रामिंग छात्रों को AI प्रोग्रामिंग सिखाने और वास्तविक दुनिया के कौशल विकसित करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि वे वैश्विक स्तर पर उपलब्ध उपकरणों और संसाधनों का उपयोग करते हैं, क्योंकि आज AI प्रतिभा विकसित करना बहुत जरूरी है।यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि उनके फैकल्टी और छात्र इस "प्रचार अभियान" से आहत हैं। उनका विजन छात्रों की पढ़ाई और नवाचार पर केंद्रित है। वे छात्रों को आधुनिक तकनीक तक पहुंच प्रदान करते हैं ताकि वे व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। यूनिवर्सिटी का मानना है कि नकारात्मकता फैलाने से उन छात्रों का मनोबल टूट सकता है जो वैश्विक तकनीकों का उपयोग करके नवाचार, सीखने और अपने कौशल को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
यूनिवर्सिटी ने जोर देकर कहा कि यह सब छात्रों को वैश्विक प्लेटफार्मों और उपकरणों का उपयोग करके हैंड्स-ऑन AI प्रोग्रामिंग कौशल सिखाने के उद्देश्य से किया गया था। बुधवार को एक्सपो में यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर कोई डिस्प्ले नहीं था।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने इस विवाद पर PTI से बात करते हुए कहा, "यह विवाद इसलिए हुआ क्योंकि शायद चीजों को ठीक से समझाया नहीं गया और इरादे को सही ढंग से समझा नहीं गया।" उन्होंने आगे कहा, "रोबोट डॉग के बारे में, हम यह दावा नहीं कर सकते कि हमने इसे बनाया है। मैंने सभी को बताया है कि हमने इसे अपने छात्रों के सामने इसलिए पेश किया ताकि वे खुद कुछ बेहतर बनाने के लिए प्रेरित हों। हमारा विश्वविद्यालय AI के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक प्रदान करके भविष्य के नेताओं के निर्माण में योगदान देता है, और यह आगे भी ऐसा करता रहेगा।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार ने यूनिवर्सिटी को एक्सपो क्षेत्र खाली करने को कहा है, तो उन्होंने कहा, "मेरे पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे जो पता है वह यह है कि आज हम सब यहां मौजूद हैं।"
यह पूरा मामला AI तकनीक के प्रदर्शन और उसके स्वामित्व को लेकर उठे सवालों के इर्द-गिर्द घूमता है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि उनका मकसद छात्रों को सिखाना था, न कि किसी उत्पाद को अपना बताकर बेचना। लेकिन आरोप है कि उन्होंने रोबोटिक डॉग 'ओरियन' को अपनी खोज बताकर पेश किया, जबकि वह चीन में बना यूनिट्री गो2 (Unitree Go2) था। इस वजह से यूनिवर्सिटी को AI समिट एक्सपो जैसे प्रतिष्ठित मंच से बाहर होना पड़ा। यूनिवर्सिटी ने छात्रों के सीखने और नवाचार के माहौल को बनाए रखने की बात कही है, लेकिन इस घटना ने तकनीक के प्रदर्शन में पारदर्शिता के महत्व को भी उजागर किया है।