20 Of Global Gas Production Not Reaching Market Shocking Revelation By Russian Energy Minister
वैश्विक गैस उत्पादन का 20% बाजार तक नहीं पहुंच रहा: रूस के नोवाक
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रूसी ऊर्जा मंत्री निकोलाई नोवाक ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। दुनिया भर में उत्पादित गैस का 20 प्रतिशत हिस्सा बाजार तक नहीं पहुंच पा रहा है। यह ऊर्जा संकट को गहरा सकता है। गैस उत्पादन के बावजूद आपूर्ति में रुकावट आ रही है। यह समस्या वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
रूस के ऊर्जा मंत्री निकोलाई नोवाक ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में जितनी गैस का उत्पादन हो रहा है, उसका 20% हिस्सा अभी बाज़ार तक पहुँच ही नहीं पा रहा है। यह जानकारी रूसी समाचार एजेंसी TASS के ज़रिए सामने आई है। इसका मतलब है कि दुनिया को जितनी गैस की ज़रूरत है, उसका एक बड़ा हिस्सा उपलब्ध ही नहीं हो पा रहा है, जिससे ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
नोवाक के मुताबिक, यह स्थिति कई वजहों से बनी है। गैस उत्पादन तो हो रहा है, लेकिन किसी न किसी कारण से उसे बाज़ार में बेचा नहीं जा पा रहा है। यह एक गंभीर समस्या है क्योंकि गैस ऊर्जा का एक अहम स्रोत है।उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। यह वैश्विक गैस उत्पादन का पांचवां हिस्सा है, जो बाज़ार से बाहर है। यह आंकड़ा बताता है कि ऊर्जा आपूर्ति में कितनी बड़ी रुकावट आ रही है।
नोवाक ने सीधे तौर पर कहा है, "20% ऑफ ग्लोबल गैस प्रोडक्शन इज करेंटली अनेबल टू रीच द मार्केट" (20% वैश्विक गैस उत्पादन वर्तमान में बाजार तक पहुंचने में असमर्थ है)। यह बात उन्होंने TASS को दिए एक इंटरव्यू में कही।
इस स्थिति के कई कारण हो सकते हैं। हो सकता है कि गैस को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए पाइपलाइन या जहाजों की कमी हो। या फिर, कुछ देशों के बीच राजनीतिक तनाव के कारण भी गैस की सप्लाई रुक सकती है।
यह समझना ज़रूरी है कि गैस बाज़ार तक क्यों नहीं पहुँच पा रही है। जब गैस बाज़ार में नहीं आती, तो उसकी कीमतें बढ़ जाती हैं। इससे आम लोगों को बिजली और हीटिंग के लिए ज़्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं।
यह समस्या सिर्फ़ रूस या कुछ देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकती है। ऊर्जा की कमी से औद्योगिक उत्पादन पर भी असर पड़ता है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।
इसलिए, नोवाक का यह बयान वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी चेतावनी है। दुनिया को इस समस्या का हल निकालने के लिए मिलकर काम करना होगा ताकि सभी को पर्याप्त ऊर्जा मिल सके।