Railway App Railone 257 Crore Downloads 764 Lakh Ticket Bookings Daily Major Boost In Passenger Convenience
रेलवे ऐप रेलवन: 2.57 करोड़ डाउनलोड, 7.64 लाख टिकट बुकिंग प्रतिदिन
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रेल यात्रियों के लिए रेलवन ऐप बेहद लोकप्रिय हो गया है। इस ऐप को अब तक 2.57 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है। हर दिन औसतन 7.64 लाख टिकटों की बुकिंग इसी ऐप से हो रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में यह जानकारी दी। अब 88 फीसदी आरक्षित टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं।
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस) रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे का ' RailOne App ' बेहद लोकप्रिय हो गया है। बुधवार को सरकार ने बताया कि इस ऐप को अब तक 2.57 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है और हर दिन औसतन 7.64 लाख टिकटों की बुकिंग इसी ऐप से हो रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में यह जानकारी देते हुए बताया कि अब 88 फीसदी आरक्षित टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए काउंटर बुकिंग के अलावा कई तकनीकी समाधान पेश किए हैं, जिनमें RailOne App भी शामिल है। इस ऐप से यात्री आरक्षित और अनारक्षित दोनों तरह के टिकट आसानी से बुक कर सकते हैं।
रेल मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस ऐप ने यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) और अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (UTS) को सीधे यात्रियों की उंगलियों पर पहुंचा दिया है। RailOne App में सुरक्षा और गोपनीयता के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं। यह ऐप एक ही जगह पर आरक्षित और अनारक्षित टिकट बुकिंग , प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन की जानकारी, पीएनआर स्टेटस , रेलमदद और शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं देता है। इसे एंड्रॉयड प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा, यात्री इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) की ऐप या वेबसाइट के जरिए भी आरक्षित टिकट बुक कर सकते हैं।टिकट बुकिंग की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेलवे कई तरह के एजेंटों की भी मदद लेता है। इनमें हॉल्ट एजेंट, जन साधारण टिकट बुकिंग सेवक, स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट और अनारक्षित टिकटों के लिए एम-यूटीएस सहायक शामिल हैं। यात्री टिकट सुविधा केंद्र लाइसेंसधारी भी आरक्षित और अनारक्षित टिकटों की बुकिंग में मदद करते हैं। खास बात यह है कि इन एजेंटों के तौर पर काम करने के लिए रेलवे टिकट जारी करने का कोई अनुभव होना जरूरी नहीं है।
इसके अलावा, IRCTC आरक्षित ई-टिकट जारी करने के लिए ई-टिकटिंग एजेंटों को भी नियुक्त करता है। ये योजनाएं योग्य व्यक्तियों, जैसे कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए खुली हैं। इससे न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा मिलता है, बल्कि खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रेलवे टिकट सुविधाओं की पहुंच भी बेहतर होती है। इन एजेंटों की नियुक्ति एक निश्चित अवधि के लिए की जाती है और नियमों का उल्लंघन करने पर उन्हें हटाया भी जा सकता है। कार्यकाल समाप्त होने पर नियुक्ति का नवीनीकरण और नई नियुक्तियों की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है।