Vedantas Waste Management 15 Crore Tonnes Recycled Target Of Zero Legacy Waste By 2035
वेदांता का कचरा प्रबंधन: 1.5 करोड़ टन पुनर्चक्रण, 2035 तक 'जीरो लेगेसी वेस्ट' का लक्ष्य
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वेदांता ने वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 1.5 करोड़ टन कचरे का पुनर्चक्रण किया है। कंपनी ने 2035 तक 'जीरो लेगेसी वेस्ट' का लक्ष्य भी तय किया है। यह पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वेदांता औद्योगिक कचरे का 100 प्रतिशत उपयोग कर रहा है।
नई दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) वेदांता लिमिटेड, जो कई तरह के कारोबार करती है, ने बुधवार को बताया कि उसने वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 1.5 करोड़ टन कचरे को फिर से इस्तेमाल किया या उसका पुनर्चक्रण किया। यह कंपनी की पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 से 'फ्लाई ऐश' (औद्योगिक कचरा) का 100 प्रतिशत उपयोग भी जारी रखा है, जो उसके काम में लगातार हो रही तरक्की को दिखाता है।
विश्व पुनर्चक्रण दिवस के मौके पर वेदांता ने कहा कि यह सफलता टिकाऊ विकास और कचरे के सही प्रबंधन के प्रति उनकी पक्की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह इस बात पर भी जोर देता है कि कंपनी कैसे संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करके एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने पर ध्यान दे रही है।वेदांता का कहना है कि वे कचरे को कीमती चीजों में बदलने के लिए नए-नए तरीके खोजते रहेंगे। कंपनी का लक्ष्य है कि वे अपने कारोबार को बढ़ाते हुए पर्यावरण की भी रक्षा करें। साथ ही, 2035 तक ' जीरो लेगेसी वेस्ट ' यानी पुराने जमा हुए कचरे को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य भी हासिल करें।
'फ्लाई ऐश' एक तरह का राख जैसा पदार्थ होता है जो कोयला जलाने वाले बिजली संयंत्रों से निकलता है। वेदांता इसे अपने कामों में इस्तेमाल करके पर्यावरण को साफ रखने में मदद कर रहा है। कंपनी का यह कदम दिखाता है कि वे सिर्फ मुनाफा कमाने पर ही नहीं, बल्कि धरती को बचाने पर भी ध्यान दे रहे हैं।