पियूष गोयल की किसानों के लिए बड़ी पहल: वैश्विक कृषि में भारत की धाक, अफ्रीकी देशों से सहयोग और निर्यात को बढ़ावा

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केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने किसानों के लिए बड़ी पहल की है। उन्होंने अफ्रीकी देशों से सहयोग और निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया है। वैश्विक बाजारों में भारतीय कृषि और मत्स्य उत्पादों के लिए सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी मंजूरी प्राप्त करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इससे किसानों और मछुआरों की आय बढ़ेगी।

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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को किसानों की जीवनशैली को बेहतर बनाने, वैश्विक कृषि क्षेत्र में भारत की स्थिति को मजबूत करने और अफ्रीकी देशों के साथ कृषि सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय खाद्य और कृषि चैंबर के अध्यक्ष एमजे खान के साथ मुलाकात की। इस बैठक में किसानों के कल्याण को बढ़ाने, भारत के वैश्विक कृषि प्रभाव का विस्तार करने और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा व कृषि सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर जोर दिया गया।

गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "भारतीय खाद्य और कृषि चैंबर (@ICFAgri) के अध्यक्ष डॉ. एमजे खान के साथ एक बैठक की। हमने अपने किसानों के जीवन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, वैश्विक कृषि परिदृश्य में भारत की स्थिति को मजबूत करने, अफ्रीकी क्षेत्र के साथ सहयोग को गहरा करने और इस क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता साझा करने की पहलों पर चर्चा की। साथ ही, दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा के लिए कृषि सहयोग बढ़ाने के नए रास्ते भी खोजे।"
इसके अलावा, गोयल ने गुरुवार को एक अलग बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य वैश्विक बाजारों में भारतीय कृषि और मत्स्य उत्पादों के लिए सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी (SPS) मंजूरी प्राप्त करने की दिशा में एक रोडमैप तैयार करना था। इसका मुख्य लक्ष्य निर्यात को बढ़ावा देना और किसानों व मछुआरों की आय के अवसरों को बढ़ाना है।

मंत्री ने एक्स पर अपडेट साझा करते हुए कहा कि उन्होंने "वैश्विक बाजारों में भारतीय कृषि और मत्स्य उत्पादों के लिए SPS (सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी) मंजूरी प्राप्त करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने हेतु एक बैठक की अध्यक्षता की।"

सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी (SPS) उपाय, भोजन, जानवरों और पौधों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और गुणवत्ता मानक हैं। ये नियम सुनिश्चित करते हैं कि आयातित कृषि और मत्स्य उत्पाद किसी दूसरे देश के बाजार में प्रवेश करने से पहले हानिकारक रसायनों, कीटों, बीमारियों और संदूषण से मुक्त हों।

मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य "निर्यात को बढ़ावा देना, किसानों और मछुआरों की आय बढ़ाना और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करना है।" यह कदम भारत को वैश्विक कृषि व्यापार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने से न केवल भारत को लाभ होगा, बल्कि उन देशों को भी भारतीय कृषि तकनीकों और विशेषज्ञता का फायदा मिलेगा। इससे खाद्य सुरक्षा की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भी मदद मिलेगी।

यह बैठकें भारत की कृषि नीतियों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती हैं। SPS मंजूरी प्राप्त करने से भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आसानी से स्वीकार्यता मिलेगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। यह कदम भारत को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत कृषि क्षेत्र में और मजबूत बनाएगा।

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