Hyderabad Metro Water Board Officer Faces Disproportionate Assets Case Assets Worth 588 Crore Seized
हैदराबाद मेट्रो जल बोर्ड अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला, 5.88 करोड़ की संपत्ति जब्त
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हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के एक महाप्रबंधक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कर 5.88 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। इसमें नकदी, सोना, चांदी, कृषि भूमि, प्लॉट, फ्लैट और एक मकान शामिल हैं।
हैदराबाद, 19 मई: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (एचएमडब्ल्यूएसएसबी) के एक महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। एसीबी ने अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कर 5.88 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है, जिसमें नकदी, सोना, चांदी, कृषि भूमि, प्लॉट, फ्लैट और एक मकान शामिल हैं। अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और संदिग्ध तरीकों से अपनी आय से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा की है।
एसीबी ने बताया कि यह मामला एचएमडब्ल्यूएसएसबी के प्रोजेक्ट डिवीजन-आठ के महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) के खिलाफ दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान गलत तरीके से और भ्रष्टाचार करके अपनी कमाई से कहीं ज्यादा संपत्ति बना ली। यह एक गंभीर अपराध है, जो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) के तहत आता है।मंगलवार को एसीबी ने अधिकारी के घर समेत कुल आठ जगहों पर एक साथ छापेमारी की। ये जगहें उनके रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य सहयोगियों से जुड़ी हुई थीं। इन छापों के दौरान, एसीबी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। इनमें 18 एकड़ खेती की जमीन, छह खाली प्लॉट, तीन फ्लैट और एक मकान के कागजात शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान, आरोपी अधिकारी के घर से भारी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई। कुल 1.10 करोड़ रुपये नकद मिले। इसके अलावा, 2.1 किलोग्राम सोने के गहने और 9.2 किलोग्राम चांदी की चीजें भी जब्त की गईं। एसीबी ने एक कार और एक बाइक भी जब्त की है।
एसीबी के मुताबिक, जब्त की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 5,88,55,490 रुपये है। एजेंसी ने यह भी साफ किया कि इन चल और अचल संपत्तियों का असली बाजार मूल्य, जो कागजों में दर्ज है, उससे कहीं ज्यादा हो सकता है। यानी, इन संपत्तियों की असली कीमत कागजी कीमत से कई गुना ज्यादा है।