Jammu kashmir Congress President Karras Statement On National Conference Alliance Partys Stance Clarified
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस: नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन पर अध्यक्ष कर्रा का बयान, जानिए क्या है पार्टी का रुख
Others•
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन को लेकर चर्चाएं जारी हैं। पार्टी अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा ने स्पष्ट किया कि इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। जनता की राय को सुना जाएगा, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर अभी कोई चर्चा नहीं की है।
जम्मू, 19 मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के साथ गठबंधन को लेकर पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी को ज्यादा तवज्जो न देते हुए कहा है कि इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस गठबंधन के भविष्य को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, यानी राहुल गांधी ने अभी तक कोई चर्चा नहीं की है। कर्रा ने यह बातें जम्मू में कांग्रेस के जम्मू मुख्यालय का नाम राजीव भवन रखने के मौके पर पत्रकारों से कहीं। उन्होंने माना कि जनता का एक वर्ग यह सोचता है कि अगर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ती तो शायद बेहतर प्रदर्शन कर पाती।
कर्रा ने जोर देकर कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन के मुद्दे को "ज्यादा गंभीरता से" नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मामले पर अप्रैल में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित एक 10-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी और जिला अध्यक्षों के बीच बातचीत हुई थी। कर्रा ने कहा, "जब राहुल जी 30 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश में कार्यशाला में गए, तो उन्होंने विभिन्न राज्यों के जिला अध्यक्षों से अलग-अलग बातचीत की और उनसे संगठन को आगे बढ़ाने में आ रही कठिनाइयों के बारे में पूछा।"उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन के भविष्य को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यदि भविष्य में इस पर चर्चा की आवश्यकता पड़ी, तो इसे कार्यकारी समिति के समक्ष लाया जाएगा, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। कर्रा ने यह भी स्वीकार किया कि पार्टी नेताओं ने आलाकमान के समक्ष अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं। कर्रा ने कहा, "यह काफी समय से चर्चा का विषय रहा है कि हमें नुकसान हुआ या नहीं। लेकिन जनता की धारणा यह है कि अगर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ती, तो शायद परिणाम बेहतर होते। यह जनता की धारणा है।"
इससे पहले, जम्मू जिला ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष नीरज कुंदन ने दावा किया था कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में हुई एक हालिया बैठक में जम्मू-कश्मीर के लगभग 19 जिला अध्यक्षों ने पार्टी आलाकमान से नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। यह दिखाता है कि पार्टी के जमीनी स्तर पर कुछ नेता गठबंधन को लेकर सहज नहीं हैं और वे कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने की वकालत कर रहे हैं।
कर्रा ने इन चिंताओं को खारिज नहीं किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही लेगा। उन्होंने कहा कि जनता की राय को सुना जाएगा, लेकिन गठबंधन का भविष्य पार्टी की रणनीति और शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने इस मामले पर कोई चर्चा नहीं की है, जिसका मतलब है कि अभी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि जनता का एक वर्ग यह मानता है कि अगर कांग्रेस ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा होता तो चुनावी प्रदर्शन बेहतर हो सकता था। यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है क्योंकि यह दिखाता है कि पार्टी के भीतर भी इस बात पर बहस चल रही है कि गठबंधन फायदेमंद है या नुकसानदायक। कर्रा ने इस धारणा को स्वीकार किया, लेकिन इसे अंतिम सत्य नहीं माना।
कुल मिलाकर, तारिक हामिद कर्रा ने पार्टी के भीतर गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं को शांत करने की कोशिश की है। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और सभी चिंताओं को सुना जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मामले को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अभी इस पर विचार कर रहा है।