Neet Paper Leak Shiv Sena Leader Sanjay Shirsats Demand Accuseds Buildings Should Be Demolished Property Confiscated
नीट पेपर लीक: शिवसेना नेता संजय शिरसाट की मांग - आरोपियों की इमारतें ध्वस्त हों, संपत्ति जब्त हो
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नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की इमारतों को गिराया जाए और उनकी संपत्ति जब्त की जाए। यह मामला 22 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। सीबीआई ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मुंबई, 19 मई (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने नीट पेपर लीक मामले में शामिल लोगों की इमारतों को गिराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना काफी नहीं है, बल्कि उनकी संपत्ति की जांच कर उसे जब्त किया जाना चाहिए। यह मामला 22 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और ऐसे अपराध दोबारा नहीं होने चाहिए।
शिवसेना नेता शिरसाट ने मंगलवार को कहा कि नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में जो लोग शामिल हैं, उनकी इमारतों को ध्वस्त कर देना चाहिए। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लातूर में रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) चलाने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 10 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।पत्रकारों से बात करते हुए शिरसाट ने नीट की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थानों के बड़े-बड़े विज्ञापनों और उनकी संपत्तियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "इतने बड़े विज्ञापन तो बड़े से बड़ा नेता भी नहीं करवा सकता। लेकिन अगर हम किसी छोटे से गांव में जाएं, तो वहां कोचिंग क्लास के विज्ञापन मिल जाएंगे। यह पैसा छात्रों की फीस से आता है।" इसलिए, उन्होंने जोर देकर कहा कि नीट मामले में सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना काफी नहीं है। इन लोगों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए और उसे जब्त किया जाना चाहिए।
मंत्री ने आगे कहा, "गिरफ्तार किए गए इन लोगों के मालिकाना हक वाली इमारतों को ध्वस्त कर दिया जाना चाहिए।"
विपक्षी दलों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बारे में पूछे जाने पर शिरसाट ने कहा कि यह सरकार का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा, "आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई ज्यादा महत्वपूर्ण है। नीट परीक्षा के पेपर लीक का मामला छोटा नहीं है, और यह 22 लाख छात्रों के भविष्य का सवाल है। ऐसे मामले अब दोबारा नहीं होने चाहिए। इस्तीफा देना है या नहीं, यह सरकार और पार्टी का मामला है।"
सीबीआई ने इससे पहले रसायन विज्ञान के व्याख्याता पी वी कुलकर्णी और जीव विज्ञान की व्याख्याता मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया था। इन दोनों की पहचान एक महिला मनीषा वाघमारे के जरिए हुई थी, जो फिलहाल एजेंसी की हिरासत में है। यह पूरा मामला छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई का संकेत दे रहा है।