जम्मू-कश्मीर विधानसभा का秋季 सत्र आज से शुरू, श्रीनगर में सुरक्षा कड़ी
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श्रीनगर, 21 सितंबर (IANS) जम्मू और कश्मीर की विधानसभा का शरदकालीन सत्र सोमवार को शुरू हो गया है। इस सत्र के मद्देनजर श्रीनगर शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सोमवार की सुबह से ही जम्मू और कश्मीर विधानसभा परिसर और सिविल सचिवालय के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। सत्र सुचारू रूप से चले और आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके, इसके लिए सुरक्षा बढ़ाई गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने विधानसभा सत्र के दौरान सिविल सचिवालय के अंदर और आसपास वाहनों की आवाजाही और पार्किंग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, सिविल सचिवालय और विधानसभा के कर्मचारियों, जिनमें सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, के निजी वाहनों को सचिवालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों, मुख्यमंत्री के सलाहकार, स्पीकर और विधायकों के वाहनों को विधानसभा परिसर के भीतर निर्धारित स्थानों पर पार्क किया जाएगा।सुरक्षा जांच के बाद अधिकृत मीडिया कर्मियों के वाहनों को ही सिविल सचिवालय में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। वहीं, एस्कॉर्ट वाहनों को भी निर्धारित स्थान पर पार्क करने का निर्देश दिया गया है। यह विधानसभा सत्र 21 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा, जिसमें कुल सात बैठकें होंगी। 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती के कारण अवकाश रहेगा, जबकि 26 सितंबर को कार्य दिवस नहीं होगा और 27 सितंबर रविवार है।
सत्र शुरू होने से पहले, स्पीकर अब्दुल रहीम राठेर ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा, यातायात, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विधानसभा सचिवालय और एमएलए हॉस्टल में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सत्र की शुरुआत श्रद्धांजलि प्रस्तावों से होगी, इसके बाद प्रश्नकाल और अन्य सूचीबद्ध कार्य होंगे।
विपक्षी दलों, भाजपा और पीडीपी ने कहा है कि वे सत्र के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे। हालांकि कांग्रेस पार्टी जम्मू और कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार का समर्थन कर रही है, लेकिन जम्मू और कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा है कि सत्तारूढ़ NC के साथ गठबंधन में होने का मतलब यह नहीं है कि उनकी पार्टी विधानसभा सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों को पुरजोर तरीके से नहीं उठाएगी।
यह सत्र जम्मू और कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण है। सत्र के दौरान विभिन्न जनहित के मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि सत्र बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। विधायकों और सरकारी अधिकारियों के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। मीडिया कर्मियों के लिए भी प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
यह सत्र जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें उनके मुद्दों पर चर्चा होगी। सरकार और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी भूमिका निभाएंगे। सत्र के दौरान होने वाली चर्चाओं और निर्णयों का राज्य के भविष्य पर प्रभाव पड़ सकता है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर की गई तैयारियां यह सुनिश्चित करेंगी कि सत्र शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।