Andhra Pradesh Reels Under Sickle Cell Anemia Over 1500 Cases Found Health Department Mandates Testing
आंध्र प्रदेश में 1500 से अधिक सिकल सेल एनीमिया के मामले सामने आए, स्वास्थ्य विभाग ने परीक्षण अनिवार्य किया
TOI.in•
आलूरी सीताराम राजू जिले में सिकल सेल एनीमिया के 1500 से अधिक मामले मिले हैं। 40 साल से कम उम्र के सभी लोगों की जांच अब अनिवार्य है। करीब 4.72 लाख लोगों की मुफ्त जांच हुई, जिसमें 1582 लोगों में बीमारी की पुष्टि हुई। इन सभी का इलाज मुफ्त किया जा रहा है।
आलूरी सीताराम राजू जिले में स्वास्थ्य विभाग ने 1,500 से ज़्यादा सिकल सेल एनीमिया के मामले पकड़े हैं। इस गंभीर बीमारी का पता लगाने के लिए 40 साल से कम उम्र के सभी लोगों की जांच अनिवार्य कर दी गई है। जिले में करीब 4.72 लाख लोगों की मुफ्त जांच की गई, जिसमें से 13,903 लोगों में इसके लक्षण दिखे और 1,582 लोगों में यह बीमारी पक्की पाई गई। इन सभी मरीजों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया की पहचान छह महीने के बच्चों में भी हो सकती है। इसलिए, खासकर नवजात शिशुओं और 40 साल से कम उम्र के लोगों के लिए जल्दी जांच और इलाज बहुत ज़रूरी है। जिला चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (DMHO) कृष्णा मूर्ति नायक ने लोगों से शादी से पहले जांच कराने की अपील की है, क्योंकि यह बीमारी वंशानुगत होती है। उन्होंने समझाया कि सामान्य लाल रक्त कोशिकाएं करीब 120 दिन जीवित रहती हैं, जबकि सिकल सेल वाली कोशिकाएं सिर्फ 10 से 20 दिन में मर जाती हैं। इससे शरीर में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।सिकल सेल एनीमिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं का आकार सामान्य गोल न होकर हँसिये (sickle) जैसा हो जाता है। ये टेढ़ी-मेढ़ी कोशिकाएं खून की नलियों में फंसकर खून के बहाव को रोक देती हैं, जिससे शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और दर्द व अन्य समस्याएं होती हैं।
इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को विशेष देखभाल और इलाज दिया जा रहा है। पडेरू जिला अस्पताल में आदिवासी आश्रम स्कूलों के छात्रों पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की जांच करने के लिए लगातार काम कर रहा है।