लाठीचार्ज के बाद भगदड़,

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मानेसर में कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों श्रमिक सड़कों पर उतरे। पुलिस के लाठीचार्ज से भगदड़ मच गई। इस दौरान 20 से अधिक श्रमिक और कई पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी में आग लगाई और कंपनी के शीशे तोड़े।

manesar wage hike protest erupts lathicharge stampede arson and vandalism over 20 workers injured

अपरहेड : वेतन बढ़ाने की मांग लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन उग्र

20 से अधिक श्रमिक घायल , एक के सिर में गंभीर चोट

05 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को भी लगी चोट

02 गाड़ियां पुलिस की क्षतिग्रस्त की प्रदर्शनकारियों ने

01 बाइक को आग लगाई, कंपनी के शीशे तोड़े

NBT रिपोर्ट, मानेसर

न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर गुरुवार को आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एरिया में कर्मचारियों का प्रदर्शन उग्र हो गया। धारा-163 लागू होने के बावजूद हजारों हड़ताली कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों व पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस की ओर से किए गए लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मच गई। हंगामे के बीच प्रदर्शनकारियों ने आगजनी व पथराव भी किया। पुलिस के कई वाहनेां के साथ कपंनियेां में खड़े वाहनों पर पथराव कर तोड़फोड़ की। एक कंपनी पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए गए। फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से मानेसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने मामले में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। झड़प के दौरान 20 से अधिक श्रमिक घायल हो गए, जबकि पांच-छह पुलिसकर्मियों को चोट लगने की बात सामने आई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने भीड़ को हटने के लिए कहा तो तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इस दौरान धक्कामुक्की हुई, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस पर श्रमिकों ने सड़कों पर दौड़ लगा दी। कुछ श्रमिक गिरकर घायल हो गए, जबकि कुछ को पुलिसकर्मियों ने लाठी मारकर भगाया। काफी श्रमिकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हड़तालियों और पुलिस के बीच हुई इस भिड़ंत में एक कर्मचारी के सिर पर गहरी चोट आई है। खून बहने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। लाठीचार्ज से भड़के प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक बाइक आग के हवाले कर दी। एक ईवीआर सहित अन्य सरकारी गाड़ी पर पथराव किया, जिससे शीशा चकनाचूर हो गया। घंटों चले हंगामे के कारण इंडस्ट्रियल एरिया में तनाव की स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री पर पथराव किया गया। फैक्ट्रियों के अंदर पार्क किए गए वाहनों को भी निशाना बनाया गया।

कर्मचारी नेता बोले-जबरन काम पर जाने की कोशिश की

कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि कर्मचारी शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर इकट्ठा हुए थे और लिखित आश्वासन मांग रहे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रबंधन ने उन्हें जबरन काम पर लगाने की कोशिश की। विरोध करने पर मजदूरों पर लाठीचार्ज किया गया। प्रदर्शनकारी श्रमिकों का कहना है कि वर्षों से वेतन में उचित संशोधन नहीं हुआ है। बढ़ती महंगाई के दौर में मौजूदा वेतन से गुजारा करना नामुमकिन हो गया है। श्रमिकों की मुख्य मांग है कि न्यूनतम वेतन कम से कम 26,000 रुपये किया जाए। प्रबंधन मांगों पर लिखित आश्वासन दे। हिरासत में लिए गए मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए और ओवरटाइम जो सिंगल किया गया है उसे पहले की तरह डबल किया जाना चाहिए।

उद्यमियों का कहना-वेतन वृद्धि का विरोध नहीं, एकमुश्त बड़ी बढ़ोतरी पर आपत्ति

इस बीच उद्योग जगत ने साफ किया है कि वह वेतन वृद्धि के विरोध में नहीं है, लेकिन एकमुश्त बड़ी बढ़ोतरी को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि संतुलन के साथ चरणबद्ध तरीके से फैसला लिया जाए, ताकि उद्योग और श्रमिक दोनों के हित सुरक्षित रह सकें। उधर, मानेसर इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस व श्रमिकों के बीच हुई झड़प के बाद अब पुलिस श्रमिकों को समझाने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारी दिन में श्रमिकों की बात सुनते और उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन देते नजर आए। श्रमिकों से कानून का उल्लंघन नहीं करने की अपील की गई।

कोट...

आईएमटी मानेसर में कुछ लोगों ने हड़ताल के दौरान निजी कंपनी में तोड़फोड़ की। पुलिस की ओर से समझाने पर पुलिस बल पर पथराव किया गया। कुछ निजी व सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस बल की ओर से कानून व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए भीड़ पर हल्का बल प्रयोग किया गया। तोड़फोड़ करने, सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व पुलिस पर पथराव करने पर थाना आईएमटी मानेसर में अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। कानून व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। श्रमिकों से अपील है कि किसी शरारती तत्वों के बहकावे में न आएं तथा सभी श्रमिक नियमित रूप से अपनी अपनी कंपनियों में काम करें।

-संदीप कुमार, पुलिस प्रवक्ता

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