NBT रिपोर्ट : पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने NPS स्वास्थ्य (Swasthya) पेंशन योजना के दूसरे चरण (PoC 2) के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। 7 अप्रैल को जारी एक सर्कुलर में PFRDA ने कहा है कि इस स्कीम के तहत मिलने वाला हेल्थ इंश्योरेंस अब अनिवार्य होगा। यह इंश्योरेंस कंपनियों की शर्तों और IRDAI के नियमों के दायरे में आएगा।
ET के मुताबिक, NPS स्वास्थ्य पेंशन योजना को जनवरी 2026 में एक प्रायोगिक प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया गया था। अब PFRDA ने इसके लिए कुछ नए प्रावधान जारी किए हैं।
सर्कुलर के मुताबिक, बीमा पॉलिसी की शर्तें जैसे- क्या कवर होगा, क्या नहीं, क्लेम कैसे करना है और शिकायत कहां करनी है, इसकी पूरी और साफ जानकारी ग्राहकों को दी जाएगी। इस इंश्योरेंस का प्रीमियम, ग्राहक के NPS स्वास्थ अकाउंट से आंशिक निकासी के तौर पर काट लिया जाएगा। सर्कुलर के अनुसार, इस स्कीम से जुड़ने के लिए पहली बार में कम से कम 25,000 रुपये का योगदान देना होगा। इतना पैसा जमा करने के बाद ही कोई व्यक्ति योजना के फायदों का हकदार बनेगा। अगर अस्पताल में भर्ती होने के दौरान इलाज का खर्च इतना ज्यादा हो जाता है कि वह ग्राहक की आंशिक निकासी की लिमिट से बाहर है, तो ऐसी स्थिति में ग्राहक को अपना पूरा पैसा निकालने की इजाजत होगी।

