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n नोएडा : उत्तर प्रदेश शासन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में रियल एस्टेट सेक्टर की सूरत बदलने के लिए यूनिफाइड बिल्डिंग बॉयलॉज पॉलिसी लाने की तैयारी में है। इस नई नीति के तहत ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स के लिए ग्राउंड कवरेज की मौजूदा सीमा को खत्म करने और फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को दो से तीन गुना तक बढ़ाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव तैयार किया गया है। शासन के निर्देश पर तीनों विकास प्राधिकरणों ने अपनी फिजिबिलिटी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब इस ड्राफ्ट को अंतिम मंजूरी के लिए प्रदेश कैबिनेट में रखे जाने की तैयारी है।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने इस कदम की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों प्राधिकरणों की राय शासन तक पहुंच चुकी है और अब इस पर जल्द ही नीतिगत फैसला लिया जाएगा। मौजूदा नियमों के अनुसार, तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में ग्रुप हाउसिंग के लिए 2.75 एफएआर सामान्य तौर पर मिलता है, जिसे शुल्क देकर अधिकतम 3.5 तक बढ़ाया जा सकता है। लेकिन नए ड्राफ्ट में इसे सड़कों की चौड़ाई के आधार पर कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव है।
यह स्पष्ट किया गया है कि नए बिल्डिंग बॉयलॉज केवल भविष्य में शुरू होने वाले नए प्रॉजेक्ट्स पर ही लागू होंगे। पुराने प्रॉजेक्ट्स या जिनके नक्शे पास हो चुके हैं, उन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव वैश्विक महानगरों की तर्ज पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा को आधुनिक रूप देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। हालांकि इस सघनता से बुनियादी ढांचे जैसे बिजली, पानी और सीवरेज पर कुछ दबाव की संभावना जताई जा रही है, लेकिन नीति में अग्नि सुरक्षा और पार्किंग के मानकों को काफी सख्त रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिल्डर इन सुविधाओं को वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधित करते हैं, तो ये ऊंची इमारतें न केवल सुरक्षित होंगी बल्कि भविष्य की बढ़ती आबादी की आवासीय जरूरतों को पूरा करने का सबसे बेहतर समाधान साबित होंगी। शासन का लक्ष्य इस नीति के जरिए निवेश को प्रोत्साहित करना और मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर आधुनिक घर उपलब्ध कराना है।

