फर्ज़ी दस्तावेज़ से प्लॉट बेचने का आरोप, DETC गिरफ्तार

नवभारत टाइम्स

सेक्टर-53 सनसिटी सोसायटी में एक मृत व्यक्ति के प्लॉट को फर्जी कागजात पर बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में डीईटीसी सरोज देवी को गिरफ्तार किया है। यह प्लॉट 20 करोड़ रुपये का है। शिकायत के बाद चार लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। आरोपी अधिकारी से पूछताछ जारी है।

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एक चौंकाने वाले मामले में, आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने सेक्टर-53 सनसिटी सोसायटी में एक मृत व्यक्ति के प्लॉट को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने के आरोप में डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (DETC) सरोज देवी को पंजाब के जीरकपुर से गिरफ्तार किया है। यह मामला 2024 में दर्ज हुआ था, जिसमें महिला अधिकारी सहित चार लोग आरोपी हैं। पुलिस फिलहाल 50 वर्षीय सरोज देवी से पूछताछ कर रही है, जिनकी वर्तमान में झज्जर में एक्साइज विभाग में तैनाती है और हाल ही में उनका नारनौल ट्रांसफर हुआ है। इस 500 गज के प्लॉट की मौजूदा कीमत 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यह पूरा फर्जीवाड़ा सनसिटी के सुतीक्ष्ण सक्सेना की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पिता ने सनसिटी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से एक प्लॉट खरीदा था, जिसकी किश्तें उन्होंने समय पर भरी थीं। सनसिटी ने 2004 में प्लॉट का अलॉटमेंट लेटर जारी किया और 2005 में उन्हें प्लॉट का पजेशन (कब्जा) भी मिल गया। 2013 में शिकायतकर्ता के पिता का निधन हो गया। इसके बाद, परिवार ने प्लॉट को उनकी माता के नाम ट्रांसफर कराने की कोशिश की, लेकिन किसी कारणवश यह संभव नहीं हो पाया।
साल 2023 में, परिवार को पता चला कि उनके प्लॉट पर निर्माण कार्य चल रहा है। जब उन्होंने सनसिटी से संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि राजबाला और सरोज नाम की महिलाओं ने फर्जी तरीके से प्लॉट के कागजात तैयार कर लिए थे। इसके बाद, उन्होंने यह प्लॉट नीना चावला को 3 करोड़ 40 लाख रुपये में बेच दिया था। इस खुलासे के बाद, सेक्टर-53 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसे बाद में जांच के लिए EOW को भेज दिया गया। EOW ने अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया और अब सरोज देवी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी अधिकारी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।

पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस आरोपी अधिकारी से पूछताछ कर रही है। इस मामले में धोखाधड़ी का केस एक शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पिता ने सनसिटी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से एक प्लॉट बुक किया था। इस प्लॉट की किश्तें उनके पिता की ओर से समय-समय पर दी गई थीं। सनसिटी ने 2004 में अलॉटमेंट लेटर उनके पिता को दे दिया था। 2005 में उन्हें पजेशन मिल गया था। 2013 में उनके पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद, कंपनी को इस बारे में बताया गया और उन्होंने अपनी माता के नाम यह प्लॉट करने के लिए आवेदन किया था। किसी कारण से प्लॉट नाम नहीं हो पाया था। 2023 में पता चला कि प्लॉट पर निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके बाद उन्होंने सनसिटी से संपर्क किया तो पता चला कि राजबाला और सरोज ने फर्जी तरीके से प्लॉट के कागजात तैयार कर नीना चावला को यह प्लॉट तीन करोड़ 40 लाख में बेच दिया था। यह फर्जीवाड़ा सनसिटी के सुतीक्ष्ण सक्सेना के साथ मिलकर किया गया था। इसके बाद सेक्टर-53 पुलिस को शिकायत दी गई थी। शिकायत को ईओडब्ल्यू के पास भेजा गया था। यहां जांच रिपोर्ट के बाद केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में ईओडब्ल्यू ने 50 वर्षीय सरोज देवी को अरेस्ट किया है। वह एक्साइज विभाग में डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर के पद पर झज्जर में तैनात हैं। कुछ दिन पहले नारनौल उनका ट्रांसफर हुआ है। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस आरोपी अधिकारी से पूछताछ में जुटी है।