चाइनीज मांझे से होने वाली मौतें हत्या जैसी : योगी

नवभारत टाइम्स

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों को हत्या बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इसकी बिक्री और उपलब्धता चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को प्रदेशव्यापी छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

death by chinese manjha is like murder cm yogi directs statewide action
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों को हत्या के समान बताते हुए इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके इस्तेमाल से किसी की भी जान जाना एक गंभीर अपराध है। इस पर तत्काल रोक लगाने के लिए प्रदेशव्यापी छापेमारी अभियान चलाने का आदेश दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि चाइनीज मांझे से होने वाली किसी भी दुर्घटना को हत्या की तरह माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि चाइनीज मांझा पूरी तरह से प्रतिबंधित है, फिर भी इसका बाजार में उपलब्ध होना चिंता का विषय है।
यह सख्त रुख बुधवार को बाजारखाला में हुई एक दुखद घटना के बाद आया है। चाइनीज मांझा एक मेडिकल रिप्रजेंटेटिव शोएब के गले में फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वह बाइक से घर लौट रहा था। इस तरह की घटनाएं शहर में पहले भी हो चुकी हैं, जिनमें मांझे के कारण कई हादसे हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने पुलिस को प्रदेश भर में चाइनीज मांझे के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस अभियान में न केवल इसकी बिक्री पर, बल्कि इसके भंडारण और परिवहन पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। इसका मकसद चाइनीज मांझे की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ना है। अभियान की प्रगति की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई न बरती जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। चाइनीज मांझा सिर्फ कानूनन अपराध ही नहीं है, बल्कि यह आम लोगों, बच्चों और बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को इस खतरनाक मांझे से पूरी तरह मुक्त किया जाए।

यह ध्यान देने योग्य है कि चाइनीज मांझे, जिसे सिंथेटिक या नायलॉन मांझा भी कहा जाता है, की बिक्री पर कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पहले ही पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इसके बावजूद, यह चोरी-छिपे बिक रहा है, जो एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इस मांझे की वजह से न केवल इंसानों को खतरा है, बल्कि पक्षियों के पंख कटने और उनकी मौत होने की घटनाएं भी आम हैं।