धनावा राजघराने में वारिस का विवाद और गहराया

नवभारत टाइम्स

धनावा राजघराने में वारिस को लेकर विवाद बढ़ गया है। दिवंगत कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के उत्तराधिकार पर उनकी दोनों पत्नियों के बच्चों ने दावा किया है। गुरुवार को हुई एक बैठक में इस मामले पर गहमागहमी रही। एसडीएम नेहा मिश्रा ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं। आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर होगी।

धनावा राजघराने में वारिस का विवाद और गहराया
गोंडा: करनैलगंज के सात बार विधायक रहे दिवंगत कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया की विरासत को लेकर उनके बच्चों के बीच विवाद और गहरा गया है। गुरुवार को कटरा शहबाजपुर के प्राथमिक विद्यालय में हुई एक खुली बैठक में, लल्ला भैया की पहली पत्नी ममता सिंह के बेटों और बेटी ने दूसरी पत्नी मीनाक्षी सिंह के कथित बेटों के वारिसाना हक के दावे पर कड़ी आपत्ति जताई। इस गहमागहमी भरी बैठक में एसडीएम नेहा मिश्रा, बीडीओ सुशील कुमार पांडेय, एडीओ पंचायत राजेश वर्मा, ग्राम विकास अधिकारी और कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

दूसरी पत्नी मीनाक्षी सिंह के बेटे होने का दावा करने वाले कुंवर कमलेन मोहन सिंह और कुंवर अजेन मोहन सिंह ने लल्ला भैया के परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया। हालांकि, पहली पत्नी ममता सिंह के बेटे कुंवर वेंकटेश मोहन सिंह और कुंवर शारदेन मोहन सिंह, साथ ही उनकी बेटी शैल सिंह ने इस दावे का पुरजोर विरोध किया।
ग्रामीणों से पूछताछ करने पर, 49 लोगों ने ममता सिंह के दो बेटे होने की बात कही। वहीं, 9 लोगों ने दूसरी पत्नी के साथ चार बेटे होने का समर्थन किया। करीब चार घंटे की लंबी जद्दोजहद के बाद बैठक में कोरम पूरा हो सका।

एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। दूसरे पक्ष ने कुछ सबूत, तस्वीरें, वीडियो और दस्तावेज पेश करने के लिए समय मांगा है। सभी सबूतों की जांच के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। यह पूरा मामला धनावा स्टेट राजघराने में चल रही उठापटक का नतीजा है, जहां अब वारिसों के बीच संपत्ति को लेकर खींचतान मची हुई है। इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।