एक केस पर भी लग सकता है गैंगस्टर ऐक्ट: हाई कोर्ट

नवभारत टाइम्स

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अब एक केस में भी गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि एक या अधिक व्यक्ति मिलकर अपराध करें और उनका मकसद अनुचित लाभ कमाना हो, तो यह गैंगस्टर ऐक्ट की परिभाषा में आता है।

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी भी एक आपराधिक मामले में भी गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने गाजियाबाद की ज्योति सिंह की याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए बताया कि गैंगस्टर ऐक्ट के दायरे में एक या एक से ज़्यादा ऐसे लोग आ सकते हैं जो अपराध करते हैं और उनका मकसद गलत तरीके से फायदा उठाना होता है।

यह फैसला उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो सोचते थे कि गैंगस्टर ऐक्ट केवल बड़े गिरोहों पर ही लागू होता है। अब यह साफ हो गया है कि एक अकेला व्यक्ति भी अगर अपराध करके अनुचित लाभ कमा रहा है, तो उस पर यह ऐक्ट लगाया जा सकता है।
जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का जिक्र किया। इस फैसले के अनुसार, गैंगस्टर ऐक्ट की परिभाषा में ऐसे व्यक्ति शामिल होते हैं जो अपराध करते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य किसी भी तरह का गलत या अनुचित लाभ प्राप्त करना होता है।

गाजियाबाद की रहने वाली ज्योति सिंह ने एक याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस याचिका के ज़रिए वह गैंगस्टर ऐक्ट के तहत अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को चुनौती दे रही थीं। कोर्ट के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि अब छोटे अपराधों में भी अगर गलत इरादा साबित होता है, तो गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है।