Group a Officers Can No Longer Re appear For Civil Services Exam Big Decision By Upsc
ग्रुप-A अफसर दोबारा नहीं दे सकेंगे एग्ज़ाम
नवभारत टाइम्स•
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए नया नियम जारी किया है। अब ग्रुप-ए सेवा में चुने जा चुके अधिकारी दोबारा परीक्षा नहीं दे पाएंगे। यह बदलाव पोस्टिंग में देरी और खाली पदों की समस्या को दूर करेगा। परीक्षा के लिए कुल 933 पद उपलब्ध होंगे।
नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब ग्रुप-A सेवा में चुने जा चुके उम्मीदवार दोबारा यह परीक्षा नहीं दे पाएंगे। यह नियम 2025 के CSE नियमों के तहत लागू होगा। पहले कई अधिकारी अपनी पसंदीदा सेवा या कैडर पाने के लिए फिर से परीक्षा देते थे, जिससे पोस्टिंग में देरी होती थी और पद खाली रह जाते थे। इस नए नियम से सेवाओं में स्थिरता आएगी।
यह जानकारी UPSC की ओर से गुरुवार को जारी नोटिफिकेशन में दी गई है। नोटिफिकेशन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in पर उपलब्ध है। TOI के अनुसार, इस नोटिफिकेशन में परीक्षा के लिए योग्यता, परीक्षा के चरण, आवेदन की तारीखें और कुल 933 पदों की जानकारी भी शामिल है।इस बार परीक्षा में कुछ और बदलाव भी किए गए हैं। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम के उम्मीदवारों को अनिवार्य भारतीय भाषा पेपर (पेपर-A) से पहले की तरह छूट मिलती रहेगी।
UPSC ने परीक्षा प्रक्रिया को तेज करने के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। लेकिन, पहचान के लिए दूसरे दस्तावेज़ भी मान्य होंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो अधिकारी पहले से ही ग्रुप-A सेवाओं में हैं, वे दोबारा परीक्षा देकर अपनी वर्तमान सेवा में बाधा न डालें। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होगा और खाली पदों की समस्या कम होगी।